
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता ने पत्नी और दो बेटों के साथ खाया जहर, इलाज के दौरान चारों की मौत
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छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में कांग्रेस नेता ने घर में बंद होकर पत्नी और दो बेटों के साथ जहर खा लिया. इसकी जानकारी तब हुई जब एक लड़की ने एक दिन बाद उनके घर पर आवाज लगाई और किसी ने गेट नहीं खोला, जिसके बाद गांव वाले किसी तरह उनके घर में घुसे तो वो सब गंभीर अवस्था में मिले. इलाज के दौरान चारों लोगों की मौत हो गई.
छत्तीसगढ़ जिले के जांजगीर चांपा जिले में कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने पूरे परिवार के साथ जहर खा लिया. उनकी बिलासपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. पूरे परिवार ने जहर खाकर सुसाइड क्यों किया, इसकी वजह अबतक सामने नहीं आई है. पुलिस ने उनके घर को सील कर दिया और इसकी जांच जुटी हुई है.
शहर कोतवाली इलाके के जांजगीर क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 के रहने वाले कांग्रेस के सीनियर नेता पंचराम यादव (65) ने अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ जहर खा लिया. एएसपी राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि बीते 30 अगस्त को पंचराम यादव ने पत्नी दिनेश नांदनी यादव (55), बेटों सूरज यादव (27) और नीरज यादव (32) के साथ जहर का सेवन किया था, जिन्हें जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. उनकी हालत गंभीर होने पर सभी को बिलासपुर रेफर किया गया था. यहां सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान नीरज यादव की मौत हुई थी. जिसके बाद पंचराम यादव, दिनेश नंदनी यादव और सूरज यादव को आरबी अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां 31 अगस्त की देर रात तीनों की इलाज के दौरान मौत हो गई.
40 लाख रुपये का लिया था लोन
जानकारी के मुताबिक, पंचराम यादव ठेकेदारी का काम करता था और उन्होंने पहले दो बैंकों से 40 लाख रुपये का लोन लिया था. वो हार्ट के पेशेंट भी थे, जबकि उनकी पत्नी कैंसर की बीमारी से जूझ रही थी. नीरज यादव प्राइवेट नौकरी करता था. सूरज यादव ठेकेदारी का काम करता था.
घर के दोनों ओर के गेट कर दिए थे बंद
स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी को पता न चले इसलिए उन्होंने सामने वाले दरवाजे पर ताला लगा दिया था और पीछे के दरवाजे से वापस जाकर वहां का दरवाजा भी अंदर से बंद कर दिया था. इसका खुलासा तब हुआ जब पड़ोस में रहने वाली एक लड़की उनके घर गई. दो-तीन बार आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला तो उसे कुछ अनहोनी की आशंका हुई और आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी. तब पड़ोसी घर अंदर गए तो सभी गंभीर अवस्था में पड़े हुए थे, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल जांजगीर में भर्ती कराया गया था.

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