चीन पर फिर मंडराया रहस्यमयी बीमारी का साया, क्यों अक्सर China या अफ्रीकी देशों से फैलते रहे हैं खतरनाक वायरस?
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कोरोना से उबरते ही चीन से एक और डराने वाली खबर आ रही है. वहां बच्चों में रहस्यमयी बीमारी दिख रही है, जिसके लक्षण निमोनिया से मिलते-जुलते हैं. WHO ने चीन से बीमारी की डिटेल मांगते हुए जानकारी सार्वजनिक की. इसके साथ ही ये खौफ बढ़ रहा है कि क्या चीन एक बार फिर सांस से जुड़ी कोई खतरनाक बीमारी दुनिया को देने वाला है.
रहस्यमयी निमोनिया से जुड़े ज्यादातर मरीज चीन के उत्तर-पूर्वी बीजिंग और लियाओनिंग के अस्पतालों में देखे जा रहे हैं. बच्चों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हैं, जो कि निमोनिया की तरह हैं. कोरोना में भी इसी तरह के संकेत होते हैं, लेकिन अब तक बच्चे इस महामारी से काफी हद तक बचे रहे थे.
इस बीच ये सवाल उठ रहा है कि क्या कोविड ही नए रूप में इस बार बच्चों पर हमलावर हो रहा है, या फिर चीन की वजह से कोई नया वायरस पैदा हो चुका. बता दें कि कोरोना के बारे में भी माना जाता है कि उसका ऑरिजिन चीन का वुहान मार्केट या फिर लैब था.
ग्लोबल संस्थाओं का मानना है कि ज्यादातर महामारियों की शुरुआत अफ्रीका या एशियाई देशों से होती है. WHO के डिसीज आउटब्रेक में भी ये बात मानी गई. ये ग्लोबल स्तर पर ज्ञात और अज्ञात बीमारियों पर बातचीत करती है.
कौन-कौन सी बीमारियां आईं? मंकी पॉक्स, जीका वायरस, इबोला वायरस, सार्स, मार्स और हाल में तबाही मचा चुका कोरोना वायरस. इन सभी बीमारियों का ऑरिजिन एशिया और अफ्रीका ही हैं. खासकर सांस से जुड़ी बीमारियों की शुरुआत चीन से ही कनेक्टेड दिखाई देती है. हालांकि इस बारे में कभी कोई पुष्टि नहीं हो सकी.
वायरस का असल सोर्स क्या है, ये पता लगा सकना काफी मुश्किल है. बहुत से वायरस म्यूटेट होकर नया रूप ले लेते और फैलते हैं. जानवर या इंसान, जिसपर ये वायरस बसे हुए हैं, वे भी यहां से वहां घूमते रहते हैं. ऐसे में सोर्स समझ नहीं आता.

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