
चीन का सबसे खतरनाक और आधुनिक एयरक्राफ्ट करियर तैयार, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा
AajTak
चीन (China) अपना सबसे आधुनिक और खतरनाक विमानवाहक युद्धपोत लगभग बना चुका है. इसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है. एक्सपर्ट्स की मानें तो चीन बहुत जल्द ही इसे ट्रायल्स के लिए समुद्र में उतारेगा.
चीन अपना सबसे आधुनिक और खतरनाक विमानवाहक युद्धपोत (Aircraft Carrier) बना रहा है. इसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है. जिसे लिया है प्लैनेट लैब्स पीबीसी सैटेलाइट ने. इन तस्वीरों की एनालिसिस समाचार एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस ने किया है. रक्षा एक्सपर्ट्स की मानें तो चीन बहुत जल्द इस युद्धपोत को समुद्र में उतार सकता है.
जानकारी के मुताबिक, चीन आधुनिक टाइप 003 एयरक्राफ्ट करियर बना रहा है. जो लगभग पूरा होने वाला है. इसे शंघाई के पास उत्तर-पूर्व में मौजूद जियांगनान शिपयार्ड में साल 2018 से बनाया जा रहा है. सैटेलाइट ने इसकी तस्वीर 7 जून 2022 को ही ली है. सैटेलाइट तस्वीरों में करियर का डेक स्पष्ट तौर से दिखाई दे रहा है. तस्वीरों के बीच में बादल भी आ रहे हैं.
जल्द ही समुद्र में ट्रायल्स के लिए उतारने की संभावना
एयरक्राफ्ट करियर से बैक इक्विपमेंट हटाए जा चुके हैं. पूरा डेक ड्राई दिख रहा है. पोत को पानी में उतारने की तैयारी लग रही है. समाचार एजेंसी एपी ने जब इस बारे में चीन के रक्षा मंत्रालय से पूछा तो उधर से किसी तरह का जवाब नहीं दिया गया. अभी तक इस युद्धपोत के लॉन्चिंग की कोई घोषणा नहीं की गई है. लेकिन सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के अनुसार इसे जल्द ही समुद्र में उतारा जा सकता है.
डेढ़ साल लगेंगे ऑपरेशनल होने में...अमेरिका का दावा
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का मानना है कि चीन भले ही इसे समुद्र में उतार ले, लेकिन पूरी तरह से ऑपरेशनल होने में इस एयरक्राफ्ट करियर को अभी डेढ़ साल और लगेंगे. क्योंकि उसके पहले काफी ज्यादा मात्रा में समुद्री ट्रायल्स होंगे. ये एयरक्राफ्ट करियर चीन का अत्याधुनिक विमानवाहक पोत होगा. इसपर वही तकनीक लगाई जाएगी जो पूरी तरह से टेस्टेड होंगी. 100 फीसदी परफेक्ट होंगी.

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.









