
चीनी विदेश मंत्री से एनएसए अजीत डोभाल की मुलाकात, आतंकवाद के मुद्दे पर दिया सख्त मैसेज
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एनएसए डोभाल शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन का दौरा कर रहे हैं. यह एक प्रभावशाली क्षेत्रीय समूह है, जो सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर केंद्रित है.
चीन (China) के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने सोमवार को बीजिंग में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीन-भारत सीमा मुद्दे पर भारत के विशेष प्रतिनिधि अजीत डोभाल से मुलाकात की. वांग ने कहा कि चीन और भारत को अच्छे पड़ोसी और दोस्ती की दिशा पर चलना चाहिए, पारस्परिक रूप से लाभकारी और जीत की संभावना के लिए कोशिश करना चाहिए, दो प्राचीन सभ्यताओं के ऐतिहासिक ज्ञान का प्रदर्शन करना चाहिए, संवेदनशील मुद्दों को ठीक से संभालना चाहिए और बॉर्डर के आस-पास के इलाकों में शांति और सौहार्द बनाए रखना चाहिए.
इस यात्रा को मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध शुरू होने के बाद द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए दोनों पक्षों द्वारा की जा रही बड़ी कोशिश के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है. ये यात्राएं भारत-चीन संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो पूर्वी लद्दाख में 2020 के सैन्य गतिरोध के बाद से तनावपूर्ण हैं. दोनों देश कूटनीतिक जुड़ाव के जरिए सामान्य स्थिति और विश्वास बहाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं.
एनएसए अजीत डोभाल ने बैठक के दौरान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सभी प्रकार के आतंकवाद का मुकाबला करने की जरूरत पर जोर दिया. डोभाल द्वारा आतंकवाद का मुकाबला करने का आह्वान लगभग डेढ़ महीने पहले भारत द्वारा 7 मई की सुबह पाकिस्तानी क्षेत्रों में नौ आतंकवादी ढांचों पर सटीक हमले करने के बाद आया है.
'समग्र विकास को बढ़ावा देने की जरूरत...'
एनएसए डोभाल शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन का दौरा कर रहे हैं. यह एक प्रभावशाली क्षेत्रीय समूह है, जो सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर केंद्रित है. डोभाल और वांग ने पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध के बाद गंभीर तनाव में आए संबंधों को फिर से बनाने के लिए दोनों पक्षों के प्रयासों के बीच भारत-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया.

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