
चलती ट्रेन से नदी में जा गिरा युवक, RPF ने 80 फीट नीचे से यूं किया रेस्क्यू
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झारखंड के बोकारो के मनोज करमाली के साथ उस वक्त बड़ा हादसा हो गया जब वो दिल्ली से बरकाकाना की यात्रा कर रहे थे. इस यात्रा के दौरान, वो चलती ट्रेन से नदी में जा गिरे. आइए जानते हैं कैसे हुआ उनका रेस्क्यू और क्या है पूरा मामला.
'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी'...ये कहावत झारखंड के बोकारो के मनोज करमाली पर बिल्कुल फिट बैठती है. वो अपने दोस्त के साथ जनरल बोगी में दिल्ली से बरकाकाना आ रहे थे. सुबह के वक्त वो ट्रेन के दरवाजे के पास से बाहर का नजारा ले रहे थे कि तभी उन्हें झपकी आई और वो सीधे कोयल नदी में जा गिरे. इसके बाद आरपीएफ की नजर मनोज पर पड़ी. आरपीएफ ने बड़े मशक्कत से मनोज को 80 फीट नीचे से रेस्क्यू किया.
मनोज को रस्सी के सहारे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने नदी की बीच धार से रेस्क्यू किया. रस्सी के सहारे आरपीएफ के जवानों ने 80 फीट ऊंचाई तक युवक को खींचा और उसकी जान बचाई. मामला पलामू के गढ़वा रोड रेलवे स्टेशन के पास कोयल नदी पर बने रेलवे पुल का है.
बोकारो के बड़कागांव के बड़की के रहने वाले मनोज करमाली अपने दोस्त के साथ ट्रेन के जनरल बोगी में बैठकर दिल्ली से बरकाकाना जा रहे थे. सुबह का वक्त था, मनोज ट्रेन के गेट के पास खड़े थे. अचानक नींद में वह ट्रेन से नीचे गिर गए. मनोज गढ़वा रोड रेलवे स्टेशन के पास कोयल नदी पर बने रेलवे ब्रिज से गिरे और नदी की बीच धार में फंस गए.
नदी में दोनों तरफ से पानी भरा हुआ था. रेलवे की पेट्रोलिंग टीम ने मनोज को पुल के नीचे देखा और मामले की जानकारी सीनियर अधिकारियों को दी, जिसके बाद आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आरपीएफ की टीम ने एक रस्से के सहारे युवक को करीब 80 फीट ऊपर तक खींचा और उसकी जान बचाई. युवक के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं लगी थी. आरपीएफ ने पूरे मामले की जानकारी रेहला थाना को भी दी. फिलहाल युवक को बिश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था, जहां डॉक्टर ने बताया कि उसकी हालत खतरे से बाहर है.

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