
घर में हाउस हेल्प से नेवी के पूर्व अफसर करते थे मारपीट, ऐसे बची लड़की की जान
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महाराष्ट्र के नागपुर में पुलिस ने हाउस हेल्प को प्रताड़ित करने के मामले में नेवी के एक पूर्व अफसर और उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने नाबालिग बच्ची को उनके चंगुल से मुक्त कराया जिसके बाद पता चला कि वो बच्ची को घर से बाहर नहीं निकलने देते थे और छोटी-छोटी गलतियों पर उसकी जमकर पिटाई करते थे.
महाराष्ट्र के नागपुर में 15 साल की नाबालिग हाउस हेल्प से अमानवीय व्यवहार करने के आरोप में पुलिस ने बुजुर्ग दंपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. नागपुर के कोराडी थाना क्षेत्र में झारखंड से आई 15 साल की लड़की के साथ सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी उमेश कुमार साहू (68) और उनकी पत्नी मंजू साहू बेहद (60) ज्यादती करते थे.
पुलिस के अनुसार, पीड़िता को उनके घर से बचाया गया. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 15 साल की उस नाबालिग को छोटी-छोटी गलतियों के लिए पीटा जाता था, बाहरी लोगों से बातचीत करने से रोका जाता था और जब भी दंपति घर से बाहर जाते थे उसे घर में बंद कर दिया जाता था.
यह मामला तब उजागर हुआ जब पड़ोसियों ने बाल अधिकार संरक्षण समिति को घटना की जानकारी दी. समिति ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की को वहां से मुक्त कराया.
कोराडी पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि पीड़िता को फिलहाल एक शेल्टर होम भेज दिया गया है. उसके साथ किए गए व्यवहार के खिलाफ बाल अधिकार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पड़ोसियों के अनुसार, नाबालिग लड़की अक्सर डरी हुई और उदास दिखती थी. घटना ने घरेलू सहायकों के तौर पर नाबालिग बच्चों के साथ हो रहे शोषण और उनके अधिकारों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पीड़िता को न्याय मिले.

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