
गौतम नवलखा को इस वजह से चुकाने होंगे 1 करोड़ 64 लाख, जानें- क्या कोई भी आरोपी हाउस अरेस्ट का ऑप्शन चुन सकता है?
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भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट गौतम नवलखा को एनआईए को 1.64 करोड़ रुपये का बकाया जमा करने को कहा है. गौतम नवलखा से ये रकम हाउस अरेस्ट के लिए मांगी गई है. ऐसे में जानते हैं कि हाउस अरेस्ट होता क्या है? और क्या कोई भी आरोपी हाउस अरेस्ट की मांग कर सकता है या नहीं?
सुप्रीम कोर्ट से एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा को एनआईए का 1.64 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने को कहा है. ये बकाया गौतम नवलखा को हाउस अरेस्ट में रखने के दौरान खर्च हुई है.
उन्हें हाउस अरेस्ट में रखने के दौरान जो खर्चा आया, एनआईए ने उसे चुकाने की मांग की है. एनआईए की इस मांग पर सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने कहा, 'अगर आपने हाउस अरेस्ट की मांग की है तो इसका खर्च भी आपको ही उठाना होगा.'
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'अगर आपने इसकी मांग की है तो भुगतान भी आपको ही करना होगा. आप इससे बच नहीं सकते, क्योंकि हाउस अरेस्ट की मांग आपने ही की थी.' अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी.
गौतम नवलखा जनवरी 2018 में महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के मामले में आरोपी हैं. उन्हें अगस्त 2018 में गिरफ्तार किया गया था. नवंबर 2022 से नवलखा मुंबई में हाउस अरेस्ट में थे.
बहरहाल किसी आरोपी को 'हाउस अरेस्ट' में रखने का कोई कानून नहीं है. मई 2021 में गौतम नवलखा की याचिका पर ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सीआरपीसी की धारा 167 के तहत अदालतें विशेष मामलो में हाउस अरेस्ट का आदेश दे सकती हैं.
हाउस अरेस्ट यानी क्या?

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