
गोवा के फेमस नाइट क्लब में सिलेंडर ब्लास्ट... 23 लोगों की मौत, CM प्रमोद सावंत ने दिए जांच के आदेश
AajTak
यह हादसा राजधानी पणजी से करीब 25 किमी दूर एक मशहूर पार्टी वेन्यू बिर्च बाय रोमियो लेन में हुआ, जो पिछले साल ही खुला था. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर किचन स्टाफ के लोग थे, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं.
उत्तर गोवा के अर्पोरा गांव में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया. यहां एक नाइटक्लब में सिलेंडर ब्लास्ट के कारण भयानक आग लग गई. हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि राज्य की राजधानी पणजी से करीब 25 किमी दूर एक मशहूर पार्टी वेन्यू बिर्च बाय रोमियो लेन में आधी रात के बाद आग लगी, जो पिछले साल ही खुला था.
पुलिस के मुताबिक किचन एरिया में काम करते वक्त अचानक सिलेंडर ब्लास्ट हो गया. जोरदार धमाके के बाद आग ने देखते ही देखते पूरे नाइट क्लब को अपनी चपेट में ले लिया. आनन-फानन में आसपास के लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम को सूचना दी. घटना की सूचना मिलते ही गोवा पुलिस प्रमुख आलोक कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे.
न्यूज एजंसी पीटीआई के मुताबिक गोवा डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि रात 12.04 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को आग लगने की जानकारी मिली. पुलिस और फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं. आग अब काबू में है और सभी शव बरामद कर लिए गए हैं. आग क्लब के ग्राउंड फ्लोर के किचन एरिया में लगी. 23 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. आग लगने का मुख्य कारण सिलेंडर ब्लास्ट माना जा रहा है, हालांकि इसकी पूरी जांच की जा रही है.
सीएम सावंत भी मौके पर पहुंचे
उधर, सूचना मिलने पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और घायलों के इलाज की जानकारी ली. विधायक लोबो ने बताया कि आग से कोई पर्यटक प्रभावित नहीं हुआ.
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के अनुसार, आग लगने के समय क्लब में स्टाफ के अलावा भी कुछ लोग मौजूद थे, लेकिन सभी समय पर बाहर निकल गए. अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और आग लगने के कारणों की जांच जारी है. गोवा पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें अभी भी इलाके में सुरक्षा और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं. अधिकारियों ने आग के शेष कारणों और क्लब की सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच शुरू कर दी है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










