
गृह युद्ध की आग में 13 साल जलता रहा सीरिया, 5 लाख मौतें, अब क्या है विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम का एजेंडा?
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Syrian Civil War and Geopolitics: चाहे विद्रोही अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल हों या नहीं, लेकिन इस क्षेत्र की प्रमुख शक्तियों- इजरायल, ईरान और तुर्की सभी के हित सीरियाई गृह युद्ध के परिणाम से जुड़े हैं. इसका अर्थ है कि सीरिया के गृह युद्ध का परिणाम न केवल मध्य पूर्व को प्रभावित करेगा, बल्कि अमेरिका और रूस जैसी वैश्विक शक्तियों को भी प्रभावित करेगा.
इस्लामी गुट हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व वाले विद्रोही समूहों के गठबंधन ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर कब्जा कर लिया. इसके साथ ही इस पश्चिमी एशियाई देश में बशर अल-असद के 24 वर्षों के शासन का अंत हो गया है. राष्ट्रपति असद देश छोड़ चुके हैं. तानाशाही के खिलाफ ट्यूनिशिया से 2008 में शुरू हुआ अरब स्प्रिंग तीन साल बाद, 2011 में सीरिया पहुंचा. यहां बशर अल-असद सरकार के खिलाफ शुरू हुआ विद्रोह देखते-देखते गृह युद्ध में तब्दील हो गया.
फिर इस गृह युद्ध में सीरियाई विद्रोही समूहों और चरमपंथी गुटों के अलावा अमेरिका, ईरान और रूस सहित अंतरराष्ट्रीय शक्तियां शामिल हो गईं और यह बहुआयामी संघर्ष में बदल गया. 13 वर्षों तक चले इस गृह युद्ध में 500,000 से अधिक सीरियाई मारे गए, और लाखों विस्थापित झेलने को मजबूर हुए. आइए सीरिया संघर्ष के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को समझते हैं...
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बमुश्किल एक सप्ताह से कुछ अधिक समय में, सीरियाई विद्रोहियों ने सीरिया के उत्तर-पश्चिम के अधिकांश हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया. पिछले सप्ताह अलेप्पो के अधिकांश प्रमुख शहरों पर कब्जा करने के बाद, विद्रोहियों ने 5 दिसंबर को पश्चिमी शहर हामा से असद समर्थक सैनिकों को खदेड़ दिया. इसके बाद 6 दिसंबर को रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण शहर होम्स को अपने कब्जे में लिया और 8 दिसंबर तक राजधानी दमिश्क को भी फतह कर लिया.
सीरिया के गृह युद्ध में कौन किसके खिलाफ लड़ा?

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