
खूंखार आतंकी गुट बोको हराम ने नाइजीरिया में तैयार कर दी किडनैपिंग इंडस्ट्री, कहां कमजोर पड़ रही है सरकार?
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अफ्रीकी देश नाइजीरिया में मास किडनैपिंग हो रही है. हाल ही में एक हथियारबंद गुट ने 280 से ज्यादा बच्चों को अगवा कर लिया. हफ्तेभर के अंदर अपहरण की ये दूसरी बड़ी घटना है. इससे पहले जंगल गए 2 सौ महिलाओं और बच्चों को उठाया गया था. माना जा रहा है कि अपहरण इस्लामिक चरमपंथी संगठन बोको हराम करवा रहा है.
उत्तरी नाइजीरिया में अपहरण, खासकर बच्चों की किडनैपिंग के मामले आम हैं. साल 2009 में यहां आतंकी गुट बोको हराम ने अपनी पैठ बनाई. इसके कुछ ही समय के भीतर यहां स्टूडेंट्स की किडनैपिंग का सिलसिला शुरू हो गया. आतंकी खासकर स्कूली बच्चियों पर हमलावर रहे. ऐसा क्या है जो बोको हराम स्कूलों को टारगेट करता है, और नाइजीरियाई सरकार उसे रोक क्यों नहीं पा रही? समझिए.
क्या है बोको हराम का मतलब बोको हराम की नींव ही नफरत पर रखी हुई है. साल 2002 में बना ये संगठन एक चरमपंथी समूह है जिसका आधिकारिक नाम जमाते एहली सुन्ना लिदावति वल जिहाद है. नाइजीरिया की भाषा होसा में बोको हराम का मोटा-मोटी अर्थ है- वेस्टर्न सीख हराम है. वैसे बोको का असल मतलब है नकली, लेकिन इसे वेस्ट से जोड़ा गया. नाइजीरिया से किसी भी तरह की चुनी हुई सरकार हटाकर ये लोग अपनी सत्ता लाना चाहते हैं. एक तरह से समझें तो ये ग्रुप नाइजीरिया का तालिबान है, जो मानता है कि एक धर्म विशेष को हर तरह की पश्चिमी चीज से दूर रहना चाहिए.
स्कूल हैं खास टारगेट
उनका इस बात पर खासा जोर है कि लड़कियां घर से बाहर न निकलें और न ही किसी तरह की फॉर्मल शिक्षा पाएं. लड़के भी इसमें शामिल हैं. इसी सोच को लेकर कट्टरपंथी इस्लामिक धर्मगुरु मोहम्मद यूसुफ ने संगठन बनाया. पहले ये गरीब नाइजीरियाई लड़कों को पढ़ाया करता. जल्द ही ये बच्चे उनका सॉफ्ट टारगेट हो गए. पढ़ाते हुए ही उनका ब्रेनवॉश होने लगा और संगठन बढ़ते हुए जिहादी भर्ती सेंटर में बदल गया. यहां लोगों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग मिलती ताकि वे इस्लामिक देश की स्थापना कर सकें.
पंद्रह साल पहले हुआ ज्यादा खूंखार

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