
खाड़ी का 'मिडिलमैन', LNG-LPG का भरोसेमंद सप्लायर... इंडिया के 'अरब ड्रीम' में छोटे से कतर का क्यों है बड़ा रोल?
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कतर अपनी छोटी भौगोलिक सीमा के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक और सामरिक विवादों को सुलझाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देश के रूप में ऊभर रहा है. ऐसा कतर की स्वतंत्र विदेश नीति, आर्थिक शक्ति, अंतर्राष्ट्रीय मीडिया प्रभुत्व के कारण संभव हो सका है. कतर अपनी विदेश नीति में स्वतंत्र रहा है, जिसने उसे विभिन्न देशों और समूहों के साथ संवाद का मौका दिया है. यह दोहा को एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में स्थापित करता है.
फारस की खाड़ी में बसे कतर की आबादी मात्र 29 लाख है. इस 29 लाख की आबादी में 8 लाख 35 हजार तो भारतीय हैं. लेकिन इंडिया के त्रिपुरा (10,486 वर्ग किलोमीटर) जितने क्षेत्रफल वाला कतर (11,571 वर्ग किलोमीटर ) भारत की एनर्जी सिक्योरिटी का भरोसेमंद पार्टनर है. भारत न सिर्फ ऊर्जा के लिए बल्कि कूटनीतिक और सामरिक एगेंजमेंट के लिए भी कतर से घने और दोस्ताना रिश्ते रखता है.
सोमवार शाम नई दिल्ली पहुंचे कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल थानी की आगवानी करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट पहुंच गए. पीएम मोदी ने कतर के अमीर भाई कहकर संबोधित किया. उन्होंने कतर के अमीर के स्वागत की तस्वीरें एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मेरे भाई कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल-थानी के स्वागत के लिए एयरपोर्ट गया था. आशा करता हूं कि उनकी भारत यात्रा सफल रहेगी. मंगलवार को होने वाली मुलाकeत को लेकर उत्साहित हूं."
कतर के अमीर को लेकर भारत के उत्साह पर अगर आप जिज्ञासु हैं तो जान लें कि कतर ने हाल ही में इंडियन नेवी के 8 ऐसे पूर्व अफसरों की मौत की सजा खत्म कर दी है, जिन्हें कतर में कथित तौर पर जासूसी के लिए दोषी ठहराया गया था. इनमें से 7 पूर्व अफसर भारत लौट चुके हैं. जबकि 8वें अफसर को भी भारत लाने के लिए वार्ताएं चल रही हैं.
इंडिया का 'अरब ड्रीम'
आम भाषा में कहें तो इंडिया का 'अरब ड्रीम' खाड़ी क्षेत्र में भारत की रणनीतिक, सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्वाकांक्षाओं के उभरने और फलने-फूलने की कहानी है. भारत के इस सपने को साकार करने में कतर जबर्दस्त रूप से मददगार रहा है. कतर के अमीर के दो दिनों के भारत दौरे में इन विषयों पर गंभीर और प्रभावी चर्चा होने की उम्मीद है.
भारत के लिए अहम है कतर की LNG-LPG

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