
खरीदते हैं फर्जी सिम या WhatsApp पर बताया गलत नाम? एक साल की हो सकती है जेल, 50 हजार का जुर्माना
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Indian Telecommunication Bill का नया ड्राफ्ट तैयार हो गया है. इस ड्राफ्ट में कई ऐसे पॉइंट्स हैं, जो आपको जानने चाहिए. ऐसा ही एक पॉइंट है फर्जी सिम कार्ड यूज करने या फिर WhatsApp पर लगत जानकारी देने का. ऐसे किसी भी मामले में दोषी पाए जाने पर यूजर को एक साल की जेल या 50 हजार रुपये का जुर्माना लग सकता है.
क्या आप भी उन लोगों में से हैं, जो फर्जी तरीके से सिम खरीदते हैं या फिर OTT प्लेटफॉर्म्स पर गलत जानकारी देते हैं? यहां OTT प्लेटफॉर्म्स से मतलब WhatsApp और दूसरे इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स से है. अगर आप ऐसे लोगों में हैं, तो मुसीबत में फंस सकते हैं. क्योंकि सरकार नए नियम लेकर आ रही है.
इनकी वजह से आप जेल भी जा सकते हैं. डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन ने नए Indian Telecommunication Bill, 2022 को ड्राफ्ट कर लिया है. ड्राफ्ट में यूजर्स की KYC और यूजर प्रोटेक्शन को लेकर जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं इस बिल के पास होने पर क्या हो सकता है?
इसके अनुसार अगर आप WhatsApp, Telegram, Signal जैसे पर अपनी गलत पहचान बताते हैं. या फिर आप नया सिम कार्ड खरीदने के लिए गलत डॉक्यूमेंट इस्तेमाल करते हैं, तो 50 हजार का जुर्माना लग सकता है. इसके अलावा दोषी को एक साल की जेल भी हो सकती है.
ये जानकारी अभी ड्राफ्ट में है, लेकिन बिल पास होने के बाद सभी को इसके हिसाब से काम करना होगा. शायद ही टेलीकॉम बिल के इस पॉइंट पर कोई आपत्ति जाहिर करे. सरकार ये कदम यूजर्स की सिक्योरिटी को ध्यान में रखकर उठा रही है.
पिछले कुछ वक्त में साइबर फ्रॉड के बहुत से मामले सामने आए हैं. इन केस में अपराधी फर्जी सिम कार्ड का ही इस्तेमाल करते हैं. इसलिए उन्हें ट्रैक कर पाना मुश्किल हो जाता है. कुछ वक्त से WhatsApp और दूसरे OTT प्लेटफॉर्म्स पर भी इस तरह के काम हो रहे हैं. यहां फ्रॉडस्टर्स फेक आइडेंटिटी की मदद से लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं.
टेलीकॉम मिनिटर अश्विनी वैष्ण ने हाल में बताया था, 'कॉल रिसीव करने वाले को पता होने चाहिए कि उसे कॉल करने वाला कौन है. ये सभी तरह की कॉल्स पर लागू होता है. चाहे वो एक सामान्य वॉयस कॉल हो या फिर वॉट्सऐप कॉल, फेसटाइम या किसी दूसरे OTT से की गई हो.'

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












