
क्या 2024 में लगाएंगे जीत की हैट्रिक? पीएम मोदी बोले- देश में कोई नहीं चाहता मिली-जुली सरकार
AajTak
क्या पिछले 10 साल से सत्ता में काबिज बीजेपी पिछले दो चुनावों की तरह एक बार फिर धमाकेदार जीत दर्ज कर अपनी हैट्रिक पूरी करेगी या फिर कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा? इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि देश की जनता मिलीजुली सरकारों को देख चुकी है, इसलिए स्वाभाविक रूप से उसकी पसंद बीजेपी ही है.
साल 2023 की विदाई की घड़ी आ गई है और नए साल यानी 2024 में देश की जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि अगले पांच साल के लिए वो सरकार की कमान किसके हाथ में देगी. क्या पिछले 10 साल से सत्ता में काबिज बीजेपी पिछले दो चुनावों की तरह एक बार फिर धमाकेदार जीत दर्ज कर अपनी हैट्रिक पूरी करेगी या फिर कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और फिर से देश में मिली जुटी सरकारों का दौर लौटेगा? इंडिया टुडे ग्रुप के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि देश की जनता मिलीजुली सरकारों को देख चुकी है, इसलिए स्वाभाविक रूप से उसकी पसंद बीजेपी ही है.
इंडिया टुडे ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ तथा चेयरपर्सन अरुण पुरी, वाइस-चेयरपर्सन कली पुरी और ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंगप्पा से खास बातचीत में पीएम मोदी ने कहा, जहां तक 2024 की बात है तो मेरे हाथ में तो बस यही है कि लोगों की सेवा में अपना सब कुछ लगा दूं. मैं पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता से यह करने का प्रयास कर रहा हूं. लेकिन आज लोगों, विशेषज्ञों, जनमत बनाने वालों और मीडिया के मित्रों के बीच भी आम राय है कि हमारे देश को मिली-जुली सरकार की जरूरत नहीं है.
पीएम मोदी ने कहा कि मिली-जुली सरकारों से उत्पन्न अस्थिरता के कारण हमने 30 वर्ष गंवा दिए. लोग मिली-जुली सरकारों के युग में सुशासन का अभाव, तुष्टीकरण की राजनीति, भ्रष्टाचार देख चुके हैं. इसका परिणाम यह हुआ कि लोग आशावाद और आत्मविश्वास से हाथ धो बैठे और दुनिया में भारत की छवि खराब हुई. इसलिए स्वाभाविक रूप से लोगों की पसंद भाजपा है.
पीएम मोदी 22 वर्षों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में प्रमुख नेतृत्व पदों पर हैं. इस दौरान प्रमुख सबक क्या रहे और उनकी सफलता के मंत्र क्या हैं? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरी सफलताएं और मेरे प्रयास दोनों सार्वजनिक दायरे में सबके सामने हैं. लोग मेरे आचरण और कामकाज के गवाह हैं और मीडिया के मित्र सफलता के मंत्र के अपने निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि एक बात जिसका मैंने हमेशा पालन किया है वह है, सबसे पहले राष्ट्र. मैंने जो कुछ भी किया है, एक कार्यकर्ता के रूप में किया, चाहे मुख्यमंत्री के रूप में हो या प्रधानमंत्री के रूप में. मैंने हमेशा देश को सबसे आगे रखा है. मैंने जो भी निर्णय लिए, राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर लिए. अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि मैंने कठिन निर्णय कैसे लिए. मेरे लिए यह मुश्किल नहीं लगता क्योंकि मैं अपने सभी फैसले राष्ट्र को आगे रखकर लेता हूं.
पीएम मोदी से जब 2024 के लिए उनकी विश लिस्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो विश लिस्ट में विश्वास करे, बल्कि मैं अपनी वर्कलिस्ट में विश्वास करता हूं.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








