
क्या ये युद्ध का ऐलान है? पहलगाम हमले पर पीएम मोदी की मधुबनी स्पीच का एक-एक शब्द बड़ा मैसेज देता है
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी पहली बार किसी जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान मंच से उन्होंने न सिर्फ बिहार बल्कि पूरी दुनिया को साफ शब्दों में बता दिया कि भारत हमला करने वाले आतंकियों और उनके आकाओं को किसी भी कीमत पर छोड़ेगा नहीं और उनके खिलाफ बहुत बड़ा एक्शन लिया जाएगा.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया है. पीएम मोदी इस हमले के बाद पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए. बिहार के मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आतंकियों और आतंक की साजिश रचने वाले पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी यह हमला किया है उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी.
'मासूमों को बेरहमी से मारा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन की शुरुआत से पहले पहलगाम में मारे गए लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और वह माइक के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे. इसके बाद उन्होंने अपना संबोधन खत्म होने से पहले कहा, '22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने मासूम देशवासियों को जिस बेरहमी से मारा है, उससे पूरा देश व्यथित है, कोटि-कोटि देशवासी दुखी हैं. सभी पीड़ति परिवारों के इस दुख में पूरा देश उनके साथ खड़ा है.'
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पीएम मोदी ने आगे कहा, 'जिन परिवारजनों का अभी इलाज चल रहा है, वे जल्द स्वस्थ हों, इसके लिए भी सरकार हर प्रयास कर रही है. इस आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई खोया, किसी ने अपना जीवनसाथी खोया है. उनसे से कोई बांग्ला बोलता था, कोई मराठी था, को उड़िया, कोई गुजराती था कोई यहां बिहार का लाल था. उनकी मृत्यु पर कारगिल से कन्याकुमारी तक हमारा दुख एक जैसा है, हमारा आक्रोश एक जैसा है.'
'कल्पना से भी बड़ा सजा मिलेगी'

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










