
क्या खेल मंत्रालय रोक सकता है भारत-पाक मुकाबला? एशिया कप विवाद के बीच जानें कौन लेगा आखिरी फैसला
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एशिया कप 2025 में भारत-पाक मैच के शेड्यूल को लेकर हंगामा जारी है. सितंबर में होने वाले इस टूर्नामेंट में 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान का मैच प्रस्तावित है. लेकिन जैसे ही इस शेड्यूल का ऐलान हुआ, सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई और सरकार से मांग की जाने लगी की इस मुकाबले को रोक दे.
एशिया कप 2025 में भारत-पाक मैच के शेड्यूल को लेकर हंगामा जारी है. सितंबर में होने वाले इस टूर्नामेंट में 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान का मैच प्रस्तावित है. लेकिन जैसे ही इस शेड्यूल का ऐलान हुआ, सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई और सरकार से मांग की जाने लगी की इस मुकाबले को रोक दे. लेकिन ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या भारत सरकार या खेल मंत्रालय इस मुकाबले को रोक सकता है?
दरअसल, इस साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली थी. इस दर्दनाक घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव भी बढ़ गया था. ऐसे माहौल में भारत-पाक क्रिकेट मैच पर सवाल उठना लाज़मी है. लेकिन सच्चाई यह है कि खेल मंत्रालय इस पर सीधा हस्तक्षेप नहीं कर सकता.
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, “फिलहाल बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) खेल मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में नहीं आता क्योंकि 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल' अभी पारित नहीं हुआ है. इसलिए मंत्रालय की कोई आधिकारिक भूमिका नहीं है, लेकिन हम देखेंगे कि बीसीसीआई जनता की भावनाओं पर कैसी प्रतिक्रिया देता है.”
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इसका मतलब साफ है कि बीसीसीआई एक स्वायत्त संस्था है और वह सरकार के दखल के बिना अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है. हालांकि, अगर देशभर में विरोध की भावना बढ़ती है तो बीसीसीआई पर परोक्ष दबाव जरूर बन सकता है.
यूएई में होना है टूर्नामेंट

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












