
क्या इमरान खान जेल से रिहा होंगे, सजा निलंबन पर कोर्ट में सुनवाई आज, लेकिन बड़ा सवाल क्या सेना बाहर आने देगी?
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इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) आज 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट मामले से जुड़ी इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की सजा निलंबन की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. इसी बीच उनकी पार्टी के एक नेता ने दावा किया है कि उन्होंने (इमरान) आज जमानत मिल सकती है. साथ ही उन्होंने आज के दिन को इमरान खान के लिए बेहद खास बताया है.
लंबे वक्त से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए आज यानी 11 जून का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक शीर्ष नेता ने दावा किया है कि 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इमरान खान को आज जमानत मिल सकती है. वहीं, इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) आज इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की सजा निलंबन की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. हालांकि, सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना इमरान खान को जेल से बाहर आने देगी?
दरअसल, पाकिस्तान की सेना का देश की राजनीति में दखल और कद काफी मजबूत है. पूर्व पीएम इमरान खान और पाकिस्तान की सेना के बीच मतभेद किसी से छिपा नहीं है. साल 2023 में उनकी (इमरान) गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शनों में सेना की संपत्तियों पर हमले हुए थे, जिसके बाद सेना ने इसे पूर्व नियोजित करार दिया था. ऐसे में अगर कोर्ट आज इमरान खान की जमानत मंजूर भी कर लेता है तो सेना और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें होंगी.
वहीं, इमरान खान ने कई बार पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर अपनी और अपनी पत्नी की गिरफ्तारी के पीछे व्यक्तिगत बदले की भावना का आरोप लगाया है. बीते दिनों एक बयान में इमरान ने कहा कि मुनीर ने उनकी पत्नी बुशरा बीबी को बदले की भावना से जेल में रखा है.
विपक्ष के साथ मिलकर आंदोलन का प्लान
पीटीआई के शीर्ष नेता गोहर अली खान ने शनिवार को पाकिस्तानी मीडिया को बताया कि पीटीआई विपक्षी दलों के साथ मिलकर एक आंदोलन शुरू करेगी, जिसका नेतृत्व जेल से पार्टी के संरक्षक-इन-चीफ इमरान खान करेंगे. इससे पहले नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने तर्क तैयार करने के लिए अतिरिक्त वक्त मांगने के बाद, IHC ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में याचिकाओं की सुनवाई को 11 जून तक स्थगित कर दिया था.
उन्होंने विपक्षी दलों से देश की सुरक्षा और अस्तित्व के लिए पीटीआई के साथ जुड़ने की अपील की. साथ ही उन्होंने बताया कि आगामी बजट के लिए रणनीति तैयार कर ली गई है.

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