
कौन है मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी जिसे मुंबई से गिरफ्तार कर गुजरात ले गई पुलिस
AajTak
अपने भड़काऊ भाषणों के चलते सुर्खियों में रहने वाले मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उससे जूनागढ़ के एक कार्यक्रम में आपत्तिजनक भाषण देने के आरोप में रविवार को मुंबई से गिरफ्तार किया है.
गुजरात के जूनागढ़ में भड़काऊ भाषण देने के मामले में गुजरात पुलिस ने रविवार को मुंबई के रहने वाले इस्लामिक उपदेशक मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी को गिरफ्तार कर लिया है और रविवार देर रात मौलाना को 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई से जूनागढ़ ले आई है. अब हम आपको मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी कौन हैं, जिसकी तत्काल रिहाई के लिए हजारों लोग पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए. जानिए...
कौन है मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी एक्स (ट्विटर प्रोफाइल) के अनुसार, मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी खुद को एक इस्लामी रिसर्च स्कॉलर बताता है. वो जामिया रियाजुल जन्नाह, अल-अमान एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट और दारुल अमान के संस्थापक भी है. मौलाना ने काहिरा की अल अजहर यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. मौलाना मुफ्ती को कई सामाजिक और धार्मिक एक्टिविटी में सक्रिय भूमिका में देखा जाता है. सोशल मीडिया पर उनकी लंबी फैन फॉलोइंग है. साथ ही वो इस्लामी छात्रों को भी धर्म की तालीम देता रहता है. अजहरी अक्सर अपने भड़काऊ भाषणों की वजह से सुर्खियों में रहता है.इस वजह से पुलिस ने किया गिरफ्तार
मौलाना सलमान अजहरी ने 31 जनवरी को गुजरात के जूनागढ़ के सेक्शन बी इलाके में एक कार्यक्रम में आपत्तिजनक भाषण दिया था. इसी भाषण की स्पीच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शनिवार को वायरल हुई थी. इसके बाद पुलिस ने कार्यक्रम 2 आयोजकों और मौलाना के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 सी, 502 (2), 188 और 114 के तहत मामला दर्ज किया था. इसी आधार पर दोनों आयोजकों, मौलाना को गिरफ्तार कर लिया है.
'नशा मुक्ति की जागरूकता के लिए मांगी थी कार्यक्रम की मंजूरी' पुलिस के अनुसार, आयोजकों ने इस कार्यक्रम की मंजूरी ये कहते हुए मांगी थी कि अजहरी लोगों को धर्म और नशा मुक्ति के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए संबोधित करेंगे. पर उन्होंने अपने संबोधन के दौरान भड़काऊ बातों का इस्तेमाल किया था, जिसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसके लिए आयोजकों और मौलाना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस ने भीड़ पर दर्ज की FIR
रविवार को मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी को गुजरात पुलिस द्वारा मुंबई से गिरफ्तार कर घाटकोपर पुलिस स्टेशन में रखा गया था. इसके बाद मौलाना के हजारों समर्थकों ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन को घेर लिया था. इसके बाद पुलिस ने हल्के बल का उपयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर कर दिया. रविवार को थाने के बाहर इकट्ठी हुई भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस के अनुसार, इस्लामिक उपदेशक मौलाना सलमान अजहरी को गिरफ्तार किया जाने के घाटकोपर पुलिस स्टेशन के बाहर उनकी तत्काल रिहाई को लेकर जमा हुई भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. भीड़ के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 332, 333, 341, 336 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







