
कोलकाता रेप कांड की तुलना TMC सांसद कुणाल घोष ने पुलवामा हमले से की
AajTak
कुणाल घोष में सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से गुजारिश की है कि वे अपनी हड़ताल वापस ले लें. पुलवामा मामले में भी न्याय नहीं मिला है."
तृणमूल कांग्रेस (TMC) लीडर कुणाल घोष ने कोलकाता रेप-मर्डर मामले पर प्रोटेस्ट कर रहे डॉक्टरों से गुजारिश करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट किया है. इस दौरान उन्होंने पुलवामा हमले का भी जिक्र किया और कहा कि पुलवामा मामले में इंसाफ नहीं मिला है. कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से गुजारिश की है कि वे अपनी हड़ताल वापस ले लें. पुलवामा मामले में भी न्याय नहीं मिला है."
उन्होंने आगे कहा कि जरा सोचिए अगर बॉर्डर पर तैनात जवान यह कहते हुए हड़ताल पर चले जाएं कि 'हमें न्याय चाहिए', तो कैसा लगेगा?'
सुप्रीम कोर्ट की फटकार
कोलकाता रेप-मर्डर केस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि देश एक और रेप-हत्या मामले का इंतजार नहीं कर सकता है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सवाल किया कि राज्य सकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों छिपा रही है. इस पर पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. कोर्ट ने स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के सुरक्षित कार्य स्थितियों पर सुझाव देने के लिए एक राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन किया है.
यह भी पढ़ें: कोलकाता कांड को लेकर आज डॉक्टर्स निकालेंगे मार्च, देखें सुपरफास्ट खबरें
टास्क फोर्स में कौन से लोग शामिल किए गए?

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.









