
कोरोना पर PM मोदी ने की देश से अपील- 11 से 14 अप्रैल तक मनाएं 'टीका उत्सव'
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पीएम ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी हमें सख्ती बरतनी होगी. उन्होंने कहा कि वैक्सीन के बाद भी मास्क और सावधानी बरतना भी जरूरी है.
देशभर में कोरोना का खौफनाक मंजर फैला हुआ है. कोरोना ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पूरे देश में तबाही मचा रखी है. गुरुवार को 1 लाख 26 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं. पिछले 24 घंटे में 685 मौतें दर्ज की गई हैं. इसी के चलते देश के कुछ शहरों में टोटल लॉकडाउन तो ज्यादातर जगह नाइट कर्फ्यू लगाया जा चुका है. वहीं उत्तर प्रदेश में 8400 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशों और केंद्र शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की. इस दौरान हालात की समीक्षा की और आगे की रणनीति पर भी चर्चा की. इस दौरान जहां पीएम मोदी ने टेस्टिंग और ट्रेसिंग पर जोर दिया वहीं ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने की बात कही. उन्होंने मीटिंग में मौजूद सभी मुख्यमंत्रियों से कहा कि हम 11 अप्रैल ज्योतिबा फुले के जन्मदिवस से लेकर 14 अप्रैल, बाबा साहब आंबेडकर के जन्मदिन तक देश में 'टीका उत्सव' मना सकते हैं.
पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










