
कोरोना के बावजूद कैश निकालने के लिए बैंक के सामने रात को जाग रहे खातेदार, अजीब है वजह
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मध्य प्रदेश के खरगोन में एक तरफ कोरोना महामारी में जहां गांव से शहर तक दिन में सन्नाटा पसरा रहता है लेकिन खरगोन जिले का एक ऐसा गांव जहां पैसे निकालने के लिए लोगों को रात से ही बैंक के सामने डेरा डालना पड़ता है. महामारी की इस विभीषिका में बैंक के गेट के सामने रात भर जागरण करना लोगों की मजबूरी है.
मध्य प्रदेश के खरगोन में एक तरफ कोरोना महामारी में जहां गांव से शहर तक दिन में सन्नाटा पसरा रहता है लेकिन खरगोन जिले का एक ऐसा गांव है, जहां पैसे निकालने के लिए लोगों को रात से ही बैंक के सामने डेरा डालना पड़ता है. महामारी की इस विभीषिका में बैंक के गेट के सामने रात भर जागरण करना लोगों की मजबूरी है. कोरोना महामारी और कोरोना कर्फ्यू के बावजूद लोग जान से ज्यादा नोट की जरूरत के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं, लेकिन इनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है. यहां के लोगों की पीड़ा देख नोटबंदी के समय की लाइन याद आ जाती है. जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर झिरन्या विकासखंड में मुख्यालय पर एकमात्र बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है. यहां लोगों को पैसे निकालने के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ती है. दोपहर 2 बजे बैंक बंद होने के चलते आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के आदिवासी कोरोना महामारी के बावजूद बैंक के दरवाजे के सामने शाम 7 बजे से लेकर दूसरे दिन सुबह 10:30 बजे तक करीब 16 घंटे डेरा डालने को मजबूर हैं.More Related News

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