
कोरोना के प्रकोप के बीच महाराष्ट्र में वैक्सीन 'आउट ऑफ स्टॉक'? जानें किस जिले में क्या हैं हालात
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राज्य में वैक्सीनेशन ड्राइव के प्रमुख डॉ. डीएन पाटिल ने आजतक से कहा ''राज्य में रोज साढ़े चार लाख लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है, जितना स्टॉक राज्य में है उससे तीन से चार दिनों तक राज्य में वैक्सीनेशन हो सकता है. इसको ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र को उसी मात्रा में वैक्सीनेशन स्टॉक उपलब्ध करना चाहिए.''
महाराष्ट्र में कोविड वैक्सीन खत्म हो चुकी है, फिलहाल ऐसा नहीं कह सकते, लेकिन राज्य के बहुत से जिलों में वैक्सीन की किल्लत जरूर आ गई है. जहां अगले दो-तीन दिनों में वैक्सीन डोज खत्म हो जाएंगी. महाराष्ट्र, कोरोना महामारी के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित और संक्रमित राज्य बन चुका है. महाराष्ट्र राज्य में वैक्सीनेशन ड्राइव के प्रमुख डॉ. डीएन पाटिल ने आजतक से कहा ''राज्य में रोज साढ़े चार लाख लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है, जितना स्टॉक राज्य में है उससे तीन से चार दिनों तक राज्य में वैक्सीनेशन हो सकता है. आज की तारीख में राज्य के पास सिर्फ 9 लाख वैक्सीन डोज उपलब्ध हैं. इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को उसी मात्रा में वैक्सीनेशन स्टॉक उपलब्ध करना चाहिए.''
पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










