
कोटा: स्टूडेंट्स की हॉस्टल में भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आदेश, अबसेंट होने पर उठाए जाएंगे ये कदम
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पुलिस अधीक्षक शहर शरद चौधरी ने कहा कि सभी संस्थानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति की अनिवार्यता हो और अनुपस्थित पाए जाने वाले विद्यार्थियों की पूरी जानकारी लेकर कारणों का पता लगाया जाए.
कोटा में जिला कलक्टर एमपी मीना की अध्यक्षता में शुक्रवार को कोचिंग एवं हॉस्टल संचालकों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी कोचिंग एवं हॉस्टल संचालक विद्यार्थियों को सकारात्मक माहौल देने के साथ-साथ उनकी अनुपस्थिति, व्यवहार में परिवर्तन को गंभीरता से लेते हुए समय रहते जरूरी कदम उठाएं ताकि अवांछित घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
अबसेंट स्टूडेंट्स से पूछी जाएगी वजह, होगी काउंसलिंग जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी कोचिंग व हॉस्टल संचालक गाइडलाइन की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें. जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की सुनिश्चितता सभी संस्थान करें. अनुपस्थित पाए जाने वाले विद्यार्थियों से संपर्क कर वजह जानी जाए और उनकी सही तरीके से काउंसलिंग की जाए, अभिभावकों को भी सूचित किया जाए.
उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम कोचिंग व हॉस्टल संचालक अपनी जिम्मेदारी समझकर उठाएं. उन्होंने नोडल अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे नियमित निरीक्षण करते हुए स्थितियों की जानकारी लें और गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित कराएं.
पेरेंट्स को समय-समय पर दी जाएगी स्टूडेंट्स की जानकारी पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने कहा कि सभी संस्थानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति की अनिवार्यता हो और अनुपस्थित पाए जाने वाले विद्यार्थियों की पूरी जानकारी लेकर कारणों का पता लगाया जाए. अवांछित गतिविधियों में पाए जाने पर उनके अभिभावकों को बुलाकर अवगत कराया जाए.
बैठक में अतिरिक्त कलक्टर राजकुमार सिंह ने कोचिंग एवं हॉस्टल संचालकों के लिए पहले जारी की गई गाइडलाइन की पालना की जानकारी ली और निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक माहौल देने की गतिविधियों, अवकाश, टेस्ट इत्यादि के दिशा-निर्देशों को सही मायने में धरातल पर उतारा जाए. बैठक में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कावेन्द्र सिंह, अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा, कोचिंग व हॉस्टल निगरानी के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं कोचिंग व हॉस्टल संचालक, काउंसलर उपस्थित रहे.

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