
कोई प्राइवेट कंपनी से रिटायर, किसी की राशन की दुकान... जानें- PM मोदी के 'असली परिवार' में कौन-कौन
AajTak
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म दामोदरदास मूलचंद मोदी के घर पर हुआ था. उनके पिता चाय की दुकान चलाते थे. 1971 में पीएम मोदी ने अपना घर छोड़ दिया था. उनके चार भाई और एक बहन है.
लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सियासी तकरार बढ़ गई है. सोमवार से बीजेपी ने नया कैंपेन शुरू किया. तमाम केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने एक्स (पहले ट्विटर) पर अपना बायो बदल दिया. उन्होंने अपने नाम के आगे 'मोदी का परिवार' जोड़ दिया.
बीजेपी ने ये कैंपेन तब शुरू किया, जब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने प्रधानमंत्री मोदी पर पर्सनल अटैक किया था. लालू यादव ने पटना की रैली में कहा था कि मोदी के पास तो परिवार ही नहीं है. इसपर पलटवार करते हुए पीएम मोदी ने कहा थि कि 140 करोड़ देशवासी ही मेरा परिवार है.
इसके बाद बीजेपी ने सोमवार को 'मोदी का परिवार' कैंपेन शुरू कर दिया. अब तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के तमाम बड़े नेताओं ने अपनी एक्स प्रोफाइल में नाम के आगे 'मोदी का परिवार' जोड़ लिया.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के परिवार में कौन-कौन हैं? पीएम मोदी के पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी ने हीरा बा से शादी की थी. दोनों की छह संतानें हुईं. पीएम मोदी तीसरे नंबर पर हैं. उनकी बाकी संतानों में सोमभाई, अमृतभाई, प्रह्लादभाई, वासंतीबेन और पंकजभाई हैं. वासंतीबेन पीएम मोदी की इकलौती बहन हैं.
सबसे बड़े भाई सोमभाई मोदी
प्रधानमंत्री मोदी के सबसे बड़े भाई सोमभाई मोदी हैं. सोमभाई वडनगर में एक वृद्धाश्रम चलाते हैं. वडनगर मोदी परिवार का पैतृक गांव है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










