
कॉलोनी में नाव, गर्दन भर पानी में डूबकर दूध लाते बच्चे... यमुना के पानी में घिरे दिल्ली के इलाकों की देखें जिंदगी
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दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. हरियाणा के हाथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ने जाने से दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. अगर जलस्तर 1 सेंटीमीटर और बढ़ गया तो 1978 का रिकॉर्ड टूट जाएगा. यमुना का पानी दिल्ली के निचले इलाकों में भर गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है.
यमुना नदी के पानी से डूबे इलाके, गर्दन भर पानी में उतरकर दूध लाते बच्चे, गलियों में तैरते लोग, कॉलोनियों में चली नाव, सिर पर भारी-भरकम सामना उड़ाकर सुरक्षित जगह पर जाते लोग... देश की राजधानी दिल्ली का इन दिनों यही हाल है...
बारिश का पानी दिल्लीवासियों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है. भीषण बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ जाने से यहां कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है. अनुमान है कि 14-16 जुलाई को फिर से बारिश हो सकती है, ऐसे में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है.
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर आज सुबह 9 बजे पुराना रेलवे पुल पर 207.32 मीटर दर्ज किया गया था, जो 1 बजे बढ़कर 207.55 मीटर हो गया है. यमुना के जलस्तर ने सुबह 10 साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया था अब इसने 45 साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है. 6 सितंबर 1978 को यमुना का अधिकतम फ्लड लेवल 207.49 मीटर दर्ज किया गया था.
हरियाणा के यमुनानगर में बने हाथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुदा का जलस्तर बढ़ रहा है. आज सुबह 9 बजे भी बैराज से 1 लाख 53 हजार 768 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. मंगलवार शाम को 7 बजे बैराज से 2 लाख 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिससे यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर 206.69 मीटर हो गया था. फिलहाल नदी के उफान को कम करने के लिए ओखला बैराज के सभी दरवाजे खोल दिए गए हैं.
कश्मीरी गेट के मोंस्टी मार्केट, रिंग रोड, यमुना घाट, यमुना बाजार इलाके में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. यहां का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि गलियों में घटनों तक पानी बह रहा है. कश्मीरी गेट में गौशाला में यमुना नदी का पानी घुस गया है. आईटीओ पर छठ घाट पानी में पूरी तरह डूब गया है. यमुना नदी से सटे इलाके बहुत संवेदनशील हैं. इन इलाकों में करीब 41 हजार लोग रहते हैं.

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