
कैलासा जाने के लिए क्या करना होगा, कैसा है वहां का पासपोर्ट? नित्यानंद ने दिए ये जवाब
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नित्यानंद ने बीते शुक्रवार को एक ट्वीट कर कहा था कि हिंदू धर्म के परमधर्मपीठ के प्रेस सचिव रजिस्टर्ड मीडिया और समाचार एजेंसियों को एक सवालोत्तर सेशन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए प्रसन्न हैं. यह कैलासा के बारे में सवाल पूछने और जानने का एक विशेष अवसर है. अब उन्होंने कुछ सवालों के जवाब दिए हैं.
दुष्कर्म-अपहरण जैसे गंभीर मामलों में आरोपी, भारत से फरार, स्वघोषित भगवान और काल्पनिक देश कैलासा बसाने वाले नित्यानंद ने कैलासा को लेकर कुछ बातें कही हैं. दरअसल नित्यानंद ने बीते शुक्रवार को एक ट्वीट कर कहा था कि हिंदू धर्म के परमधर्मपीठ के प्रेस सचिव रजिस्टर्ड मीडिया और समाचार एजेंसियों को एक सवालोत्तर सेशन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए प्रसन्न हैं. यह कैलासा के बारे में सवाल पूछने और जानने का एक विशेष अवसर है. कृपया अपने सवाल ईमेल के माध्यम से contact@kailaasa.org पर सबमिट करें.
ऐसे में अब उन्होंने कथित तौर पर ईमेल के जरिए उनसे पूछे गए सवाल और उसके जवाब भी ट्विटर पर शेयर किए हैं.
सवाल: क्या आप कृपया हमें कैलासा के बारे में कुछ और बता सकते हैं. इसकी स्थापना कब हुई थी? यह कहां स्थित है? इसकी आबादी कितनी है? क्या यह 100% हिंदू है? इसकी सांस्कृतिक प्रथाएं क्या हैं? क्या इसकी कोई आधिकारिक भाषा या गान है?
उत्तर: हम प्राचीन प्रबुद्ध हिंदू सभ्यता राष्ट्र के पुनरुत्थान हैं और गैर सरकारी संगठनों के एक समूह के माध्यम से काम करते हैं. इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त है, जो दुनिया भर के कई देशों से काम कर रहा है. यह Sovereign Order of Malta की तरह एक सीमाहीन सेवा उन्मुख राष्ट्र जैसे देश की भावना में स्थापित किया गया था. अधिक जानकारी के लिए कृपया www.kailaasa.org देखें.
सवाल: राष्ट्र कैसे संचालित होता है. क्या यह पासपोर्ट/जन्म प्रमाण पत्र/आधिकारिक दस्तावेज प्रदान करता है? क्या लोग कैलाश जा सकते हैं? यहां कौन-कौन से संस्थान हैं? क्या यह चुनाव आयोजित करता है/इसकी राजनीतिक प्रणाली क्या है? क्या इसके पास दुनिया भर में दूतावास/राजदूत हैं? अगर है तो कहाँ?
उत्तर: Sovereign Order of Malta की तरह, कैलासा कई संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों, मंदिरों और मठों के माध्यम से कई देशों में संचालित होता है.

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