
केजरीवाल के लेटर बम पर गौतम गंभीर का तंज, बोले- सीएम चिंता न करें...
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने तंज कसा है. गंभीर की ये प्रतिक्रिया केजरीवाल के उस लेटर के बाद आई जो उन्होंने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को लिखा है. गौतम गंभीर ने कहा कि जिसने हमेशा सभी प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं को तोड़ा हो वो अचानक उनकी परवाह करता है?
सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज एलजी को पत्र लिखकर दिल्ली की चुनी हुई सरकार को दो करोड़ लोगों के सपनों को पूरा करने देने की अपील की है. अब केजरीवाल के इस लेटर पर बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जिसने हमेशा सभी प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं को तोड़ा हो वो अचानक उनकी परवाह करता है? सीएम चिंता न करें, सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है.
गौरतलब है कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र के माध्यम से एलजी से कहा है कि मैं और आप बहुत छोटे हैं. यह देश और लोकतंत्र महत्वपूर्ण है. आइए संविधान का सम्मान करें और लोकतंत्र को मजबूत करें.
सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में पिछले कुछ हफ्तों में गलत तरीके से जारी आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि नियमानुसार, एमसीडी में 10 सदस्यों को दिल्ली सरकार नामित करती आई है, लेकिन इस बार सरकार से बिना परामर्श किए इनको नामित कर दिया.
कहा कि संविधान का अनुच्छेद 243-आर साफ तौर से मनोनीत सदस्यों को सदन में मतदान करने से रोकता है. उन्हें सदन में वोट दिलाने की कोशिश असंवैधानिक है. संविधान निर्वाचित सरकार को वरिष्ठ पार्षद को पीठासीन अधिकारी नामित करने का अधिकार देता है, लेकिन इसे दरकिनार किया गया.
सीएम ने कहा है कि एलजी और चीफ सेक्रेटरी मिलकर समानांतर सरकार चला रहे हैं और चुनी हुई सरकार को दरकिनार कर आदेश व अधिसूचना जारी कर रहे हैं. दुर्भाग्य से दिल्ली की चुनी हुई सरकार की जगह एलजी के पास कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति है. इसलिए अधिकारी गलत आदेश का भी विरोध नहीं करते हैं. भारत की राजधानी दिल्ली के शासन में अजीब चीजें हो रही हैं.
कहा कि भारत के संविधान के अनुसार, दिल्ली में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार है. पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और भूमि जैसे तीन ‘आरक्षित’ विषयों को छोड़कर, समवर्ती और राज्य सूचियों में अन्य सभी विषयों पर कार्यकारी नियंत्रण निर्वाचित सरकार के पास है. निर्वाचित सरकार के नियंत्रण वाले विषयों को लोकप्रिय रूप से ‘स्थानांतरित’ विषय कहा जाता है. एलजी का तीन आरक्षित विषयों पर कार्यकारी नियंत्रण है.

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