
कुश्ती महासंघ और पहलवानों के बीच आर-पार का दंगल, बृजभूषण देंगे इस्तीफा या जाएगी कुर्सी?
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भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ पहलवानों का धरना-प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जंतर-मंतर पर जारी रहा. पहलवानों ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कुछ कोच पर महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया हैं. इस बीच, खेल मंत्रालय अब एक्शन में देखा जा रहा है. खेल मंत्री ने पहलवानों को पहले सरकारी आवास पर डिनर पर बुलाया. फिर खबर आई कि बृजभूषण शरण सिंह का 24 घंटे के अंदर इस्तीफा मांगा गया है.
कुश्ती महासंघ और पहलवानों के बीच आर-पार का दंगल शुरू हो गया है. गुरुवार को दूसरे दिन पहलवानों की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. देर रात केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के बुलावे पर धरना देने वाले पहलवान उनके सरकारी आवास पर पहुंचे. यहां पहलवानों के साथ खेल मंत्री ने डिनर किया और सभी से एक-एक कर बात की. पूरे मसले की जानकारी लेने के बाद खेल मंत्री ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. सूत्रों के मुताबिक, कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को फोन किया गया और 24 घंटे के अंदर इस्तीफा देने का आदेश सुनाया दिया गया है. हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह अभी इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि वे खेल महासंघ की 22 जनवरी को आयोजित इमरजेंसी बैठक के बाद आगे का निर्णय लेंगे. फिलहाल, ये जंग अभी थमते नहीं दिख रही है. माना जा रहा है कि अगर बृजभूषण तय समय में इस्तीफा नहीं देते हैं तो पद से हटा दिया जाएगा.
बताते चलें कि बुधवार को भारतीय पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक समेत 30 पहलवानों ने कुश्ती महासंघ और उसके अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला और विरोध-प्रदर्शन किया. खिलाड़ियों का कहना था कि महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण किया जाता है. उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है. WFI अध्यक्ष सरेआम पहलवानों के साथ अभद्रता करते हैं और गाली-गलौज करते हैं. पहलवानों का दावा है कि कुश्ती महासंघ नियमों के नाम पर रेसलर्स का उत्पीड़न कर रहा है. पहलवानों ने कुश्ती महासंघ को भंग करने की मांग उठाई है. वहीं, आरोपों पर बृजभूषण शरण सिंह ने सफाई दी और कहा कि अगर आरोप सही साबित हुए तो मैं फांसी पर लटकने के लिए तैयार हूं. इस घटनाक्रम के बाद खेल मंत्रालय ने बुधवार रात ही कुश्ती महासंघ को स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए और 72 घंटे के अंदर जवाब देने के लिए कहा. लखनऊ में 18 जनवरी से होने वाले कैम्प को रद्द कर दिया गया. दिल्ली महिला आयोग ने भी मामले में संज्ञान लिया और खेल मंत्रालय को नोटिस भेजा.
'हिम्मत है तो दो मिनट सामने बैठकर दिखाएं बृजभूषण'
दूसरे दिन गुरुवार को फिर पहलवानों ने मोर्चा खोला और बृजभूषण शरण सिंह पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी. दूसरे दिन धरनास्थल पर पहलवानों की संख्या भी बढ़ गई. इस बीच, खेल मंत्रालय ने पहलवानों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के लिए बुलाया और उनकी मांगें सुनी. शाम को पहलवानों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बृजभूषण शरण सिंह की सफाई पर सीधे तौर पर हमला किया और कहा- अगर उनमें हिम्मत है तो 2 मिनट सामने बैठकर दिखाएं. यहां 6 महिला पहलवान ऐसी हैं, जिनके साथ यौन शोषण हुआ है और वो सबूत के साथ सामने आने के लिए तैयार हैं. हालांकि, हम कुश्ती का भविष्य खराब नहीं करना चाहते हैं.
खेल मंत्री के आवास पर डिनर करने पहुंचे पहलवान
वहीं, शाम को खेल मंत्री अनुराग ठाकुर भी मीडिया के सामने आए और पहली बार बातचीत में साफ कहा कि मामला गंभीर है. आरोपों के बारे में जानकारी ली है. आज पहलवान को डिनर पर बुलाया है. उनकी समस्याओं को सुनेंगे और जरूरी कदम भी उठाएंगे. देर रात जब पहलवानों खेल मंत्री के आवास पर पहुंचे और मुलाकात कर मांगें सुनाईं तो तत्काल एक्शन भी देखने को मिला. SAI के डीजी संदीप प्रधान भी अनुराग ठाकुर के आवास पर पहुंचे थे.

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