
कुंभ शुरू होने से पहले ही पिछले 48 घंटे में संगम तट पर 85 लाख लोग लगा चुके हैं पवित्र डुबकी
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सनातन धर्म के प्रतिनिधि माने जाने वाले सभी 13 अखाड़ों ने 40 दिन के उत्सव की शुरुआत से पहले अपने-अपने निर्धारित इलाकों में अपने शिविर स्थापित कर लिए हैं. रविवार को श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन ने शिविर क्षेत्र में प्रवेश कर लिया, जिसके साथ ही अखाड़ों के जुलूस का समापन हो गया.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगने वाला महाकुंभ मेला (Mahakumbh 2025) आज से शुरू हो गया है. पौष पूर्णिमा का आज अमृत स्नान है. सुबह से ही श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती (अदृश्य) नदी के संगम में डुबकी लगा रहे हैं. बताया जा रहा है कि आज करीब 1 करोड़ श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाएंगे. वहीं, अधिकारियों ने जानकारी दी है कि पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा से एक दिन पहले रविवार को संगम पर करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई.
रविवार को लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और बड़ी संख्या में साधु-संत पवित्र अनुष्ठान करने और आशीर्वाद लेने के लिए संगम पर इकट्ठा हुए.
45 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद
एजेंसी के मुताबिक, सूचना निदेशक शिशिर ने बताया, "शनिवार को संगम में स्नान करने के लिए 33 लाख श्रद्धालु आए. पिछले दो दिनों में 85 लाख से ज्यादा लोगों ने नदी में स्नान किया. इस साल महाकुंभ में 45 करोड़ से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे यह इतिहास में सबसे बड़ा समागम बन जाएगा."
सनातन धर्म के प्रतिनिधि माने जाने वाले सभी 13 अखाड़ों ने 40 दिन के उत्सव की शुरुआत से पहले अपने-अपने निर्धारित इलाकों में अपने शिविर स्थापित कर लिए हैं. रविवार को श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन ने शिविर क्षेत्र में प्रवेश कर लिया, जिसके साथ ही अखाड़ों के जुलूस का समापन हो गया.
पहला अमृत स्नान (शुभ स्नान) मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को होगा, जिसके दौरान सभी अखाड़े निर्धारित क्रम में स्नान करेंगे. अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं.

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