
कानपुर का ऐसा मंदिर जो बताता है मौसम का हाल, जानिए किस तरह अनुमान लगाते हैं लोग
Zee News
एक कथा के मुताबिक यह मंदिर राम भगवान के वंशज शिव दाधीच के ज़रिए बनवाया गया था जब वो इस इलाके में शिकार खेलने आये और बेहोश हो गए
कानपुर: आज के डिजिटल जमाने में बदलते मौसम की अटखेलियों का अंदाजा वैसे तो मौसम विभाग की जवाबदेही है लेकिन कानपुर के बिधनू बेटाह बुजुर्ग गांव में एक ऐसा मंदिर है जिसमें टपकती बूंदें किसानों के लिए यह तय करती हैं की इस साल कैसी बारिश होगी और यहां के किसान इसी बुनियाद पर अपनी खेती का पैमाना तैयार करते हैं. नए जमानें को चौंकाने वाले इस मंदिर का नाम ही मानसून मंदिर है जो की उत्तर भारत में अपनी तरह का अकेला मंदिर है. कानपुर बिधनू बेटाह बुजुर्ग गांव के इस मानसून मंदिर की छत की तरफ इस मंदिर की छत से टपकने वाली पानी की बूंदे पूरे बरसात के मौसम में होने वाली बारिश की भविष्यवाणी करती है. आपको चाहे भरोसा हो या ना हो लेकिन स्थानीय लोग इस मंदिर की भविष्यवाणी पर आंख मूंद कर यकीन करते हैं. सातवीं शताब्दी के इस तारीखी मंदिर के बारे में अलग-अलग लोक कथाएं हैं.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










