
कांवड़िया बनकर बुलेट पर निकले योगी के अफसर, लगाए बोल बम के जयकारे, Video
AajTak
यूपी के बागपत में अधिकारी कांवड़िया बनकर बुलेट पर सवार होकर निकल पड़े. इस दौरान अफसरों ने कांवड़ मार्ग का जायजा लिया, साथ ही कांवड़ियों के साथ बोल बम-बम के जयकारे भी लगाए. बता दें कि कांवड़ मार्ग पर प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ निगरानी कर रहा है. रास्तों पर ड्रोन के जरिये भी नजर रखी जा रही है.
उत्तर प्रदेश के बागपत में अधिकारी कांवड़िया बनकर बुलेट पर सवार होकर निकल पड़े और रास्तों का निरीक्षण किया. दरअसल, बड़ौत एसडीएम और सीओ कांवड़िए बनकर सड़कों पर निकले थे, इस दौरान उन्होंने कांवड़ियों के रास्ते का निरीक्षण किया और कांवड़ सेवा शिविरों में कांवड़ियों से बातचीत की.
बता दें कि बागपत के ऐतिहासिक सिद्धपीठ पुरामहादेव मंदिर पर लाखों शिवभक्त कांवड़िए जलाभिषेक करते हैं. इसको लेकर बागपत पुलिस प्रशासन पूरी तरीके से मुस्तैद है.
बुलेट पर सवार होकर कांवड़िये बनकर सीएम योगी के अफसरों ने जायजा लिया. बड़ौत सर्किल के सीओ बुलेट चला रहे थे, वहीं एसडीएम उनके पीछे बैठे थे. दोनों अधिकारियों ने भोले बाबा की टीशर्ट पहन रखी थी, वहीं गले में गमछा और भगवा रंग के कपड़े पहन रखे थे.
कांवड़ियों के साथ अफसरों ने लगाए बोल बम के जयकारे

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










