
कांग्रेस से 10 गुना ज्यादा चंदा BJP को, बसपा को 20 हजार से ज्यादा का एक भी डोनेशन नहीं, सबसे ज्यादा दिल्ली फिर गुजरात से...10 इंटरेस्टिंग फैक्ट्स
AajTak
भाजपा द्वारा घोषित चुनावी चंदा इसी अवधि के लिए (वित्त वर्ष 2022-23) कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) और सीपीआईएम (CPIM) द्वारा घोषित कुल चंदे से पांच गुना अधिक है. यहां बता दें कि एनपीपी नॉर्थईस्ट की एकमात्र राजनीतिक पार्टी है जिसे राष्ट्रीय दल का दर्जा प्राप्त है.
भाजपा को 2022-23 में लगभग 720 करोड़ रुपये का इलेक्टोरल डोनेशन (चुनावी चंदा) मिला. यह आंकड़ा चार अन्य राष्ट्रीय दलों- कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीपीआई-एम और नेशनल पीपुल्स पार्टी को प्राप्त कुल चुनावी चंदे से पांच गुना अधिक है. चुनावी और राजनीतिक सुधारों के लिए काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने अपनी एक रिपोर्ट में उपरोक्त आंकड़े पेश किए हैं. आइए जानते हैं इस रिपोर्ट के 10 इंटरेस्टिंग फैक्ट्स...
1. एडीआर के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में राष्ट्रीय दलों को (20,000 रुपये से अधिक) 850.438 करोड़ रुपए के कुल 12,167 डोनेशन प्राप्त हुए.
2. देश की छठी राष्ट्रीय पार्टी, बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने घोषणा की कि उसे वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 20,000 रुपये से अधिक का कोई चंदा नहीं मिला.
3. इलेक्शन कमीशन में रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी के लिए एक फाइनेंशियल ईयर में उसे प्राप्त 20,000 रुपये से अधिक के इलेक्टोरल डोनेशन का खुलासा करना अनिवार्य है.
4. भाजपा ने बताया कि उसे 7,945 डोनेशन से 719.858 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. कांग्रेस के मुताबिक उसे 894 डोनेशन से 79.924 करोड़ रुपये प्राप्त हुए.
5. भाजपा द्वारा घोषित चुनावी चंदा इसी अवधि के लिए (वित्त वर्ष 2022-23) कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) और सीपीआईएम (CPIM) द्वारा घोषित कुल चंदे से पांच गुना अधिक है. यहां बता दें कि एनपीपी नॉर्थईस्ट की एकमात्र राजनीतिक पार्टी है जिसे राष्ट्रीय दल का दर्जा प्राप्त है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

दिल्ली सरकार के बजट को लेकर मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बड़े आवंटन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जो 19,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और ICT लैब्स के विकास के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल गवर्नेंस मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं और इससे कई सवाल खड़े होते हैं.

रैसी जिले के महोर क्षेत्र में रामाकुंडा मोड़ के पास एक प्राइवेट कार सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई. हादसे में हकनवाज (22), उनकी बहन शहरीजा राहि (18) और उनके चचेरे भाई रफ़ाकत हुसैन (15) की मौत हो गई. पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका महोर अस्पताल में इलाज चल रहा है. ड्राइवर ने अंधे मोड़ पर नियंत्रण खो दिया था.

Harish Rana Dies: हरीश राणा को मिल गई 'इच्छामृत्यु', एम्स में 10 दिन भर्ती रहने के बाद ली आखिरी सांस
Harish Rana News: भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का AIIMS में निधन हो गया. वे साल 2013 से कोमा में थे. सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिसके बाद अस्पताल में उनके लाइफ सपोर्ट को स्टेप वाइज हटाया गया. डॉक्टर सीमा मिश्रा की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम ने पूरी प्रक्रिया पूरी की.

अहमदाबाद के लालदरवाजा इलाके में SDPI (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस की मंजूरी नहीं होने के कारण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. इस दौरान SDPI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्का टकराव भी देखने को मिला. SDPI नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में बहुमत के बल पर UCC बिल को मनमाने तरीके से पारित किया है और इसे मुस्लिम विरोधी बताया. मौके पर सुरक्षा बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया.







