
कर्नाटक सेक्स स्कैंडल: HD रेवन्ना के घर पहुंची SIT, 700 महिलाओं ने लिखा पत्र... प्रज्वल पर कसा जांच का फंदा
AajTak
हासन से सांसद और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका जल्द ही एमपी/एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर की जाएगी. एसपीपी और एसआईटी टीम के बीच सीआईडी कार्यालय में बैठक हुई. यौन उत्पीड़न और अपहरण मामले में रेवन्ना पर 364 ए और 365 की गैर जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. किडनैप की गई महिला का अभी तक पता नहीं चला है.
कर्नाटक (Karnataka) में जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना के विवादास्पद वीडियो मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम उनके पिता एचडी रेवन्ना के आवास पर पहुंची है. प्रज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना पर भी यौन उत्पीड़न और अपहरण का आरोप है. एसआईटी की टीम पीड़ित महिला को लेकर हासन जिले के होलेनारासीपुरा स्थित रेवन्ना के आवास पर पहुंची. जांच टीम एक डीवाईएसपी, दो इंस्पेक्टर और एक पुलिस कॉन्स्टेबल के साथ एसआईटी पीड़िता के साथ-साथ स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंची है. पंचनामा के बाद पुलिस मौके पर ही पीड़िता का बयान दर्ज करेगी. वहां रेवन्ना की पत्नी भवानी समेत रेवन्ना के वकील और कुछ जेडीएस नेता मौजूद थे.
इससे पहले प्रज्वल रेवन्ना मामले पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने टॉप पुलिस अधिकारियों और एसआईटी टीम के साथ इमरजेंसी मीटिंग की थी.
700 महिलाओं ने महिला आयोग को लिखा पत्र
महिला अधिकार समूहों की 700 से ज्यादा महिलाओं ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर प्रज्वल और एचडी रेवन्ना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. यह अभियान गूगल फॉर्म के जरिए चलाया गया. पत्र लिखने वाली महिलाओं ने इस मामले में NCW की कमजोर प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया है. अखिल भारतीय नारीवादी गठबंधन, वीमेन फॉर डेमोक्रेसी और महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाले अन्य संगठनों के सदस्यों ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को पत्र लिखकर एचडी रेवन्ना और प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
इस पत्र पर 701 महिलाओं के हस्ताक्षर हैं. उन्होंने एचडी रेवन्ना और प्रज्वल रेवन्ना की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है और गुजारिश की है कि दिसंबर 2023 से प्रज्वल रेवन्ना की आपराधिक गतिविधियों के बारे में सत्तारूढ़ दल को उपलब्ध जानकारी के बारे में पूछताछ करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष को समन जारी करना होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








