
कन्नौज जाकर राहुल गांधी ने अखिलेश यादव से रायबरेली में प्रचार का रिटर्न गिफ्ट ले लिया है!
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सुनने में आया था कि अखिलेश यादव ने कांग्रेस के सामने गठबंधन से पहले शर्त रखी थी, राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ें. अव्वल तो ऐसी ही रैली मैनपुरी में भी होनी चाहिये थी, लेकिन 20 मई से पहले रायबरेली में ऐसा ही नजारा देखने को मिलेगा, ये पक्का हो गया है.
ये भी संयोग ही है कि राहुल गांधी जिस दिन अखिलेश यादव के लिए वोट मांगने कन्नौज पहुंचे, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत भी उसी दिन मिली - और वो भी चुनाव प्रचार के लिए ही.
अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में मतदान के आखिरी दिन 1 जून तक अंतरिम जमानत मिली है, और अगले ही दिन यानी 2 जून को उनको सरेंडर करना ही होगा. कन्नौज की रैली में आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी शामिल हुए. संजय सिंह को भी कुछ ही दिन पहले जमानत मिली थी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद अब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर चर्चा होने लगी है कि ऐसा उनके साथ भी हो सकता है क्या? ऐसा होने की बड़ी वजह ये है कि हेमंत सोरेन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है. लेकिन मुश्किल ये है कि सुनवाई के दौरान ही सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही साफ कर दिया था, अगर अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी जाती है, तो ये कोई मिसाल नहीं होगी.
सात साल बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव साथ साथ देखे गये, और दोनों नेताओं ने मिल कर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला.
जब राहुल गांधी ने कहा, 'अब हम बब्बर शेर बनकर शिकार कर रहे हैं.'
तो अखिलेश यादव का कहना था, बीजेपी का बैलेंस खराब कर दो... अब सिर्फ चार चरण ही बचे हैं.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

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