
कतर ने उठाया ये कदम तो लाखों भारतीय हो सकते हैं तबाह
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कतर के नए कदम से लाखों भारतीय बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं. छह महीने पहले ही कतर ने श्रम कानूनों में बदलावों की घोषणा की थी लेकिन अब शुरा काउंसिल की सिफारिशें सारी उम्मीदों को तोड़ सकती है.
कतर ने प्रवासी मजदूरों के हक में छह महीने पहले जिन अहम सुधारों की घोषणा की थी, अब उन्हें वापस लिया जा सकता है. कतर की शूरा काउंसिल ने जो नई सिफारिशें की हैं, अगर उन्हें मान लिया गया तो कतर के प्रवासी मजदूरों को बड़ा झटका लगेगा. शूरा काउंसिल की सिफारिश के मुताबिक, कॉन्ट्रैक्ट के दौरान प्रवासी मजदूर नौकरी नहीं बदल सकेंगे, इसके अलावा, कोई मजदूर अपने पूरे प्रवास के दौरान कितनी बार नौकरी बदल सकता है, इसे भी सीमित कर दिया गया है. काउंसिल ने मांग की है कि किसी कंपनी में 15 फीसदी से ज्यादा लोगों को नियोक्ता या नौकरी बदलने की मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए. वहीं, 'अवैध मजदूरों' के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान लाया जा सकता है.
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