
कड़ाके की ठंड में तख्तियां लिए-धान की बालियां लहराते लोग, ढाका में तारिक रहमान के लिए उमड़ा इंसानी समंदर
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बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान 17 वर्षों के निर्वासन के बाद देश लौटे हैं. ढाका की सड़कों पर उनके स्वागत के लिए लाखों समर्थक जमा हुए हैं. कार्यकर्ताओं का मानना है कि तारिक की वापसी से पार्टी को नई राजनीतिक ऊर्जा मिलेगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी.
बांग्लादेश में हिंसा के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान वतन वापस लौटे हैं. लगभग 17 सालों से लंदन में निर्वासन में रह रहे तारिक रहमान की देश वापसी के लिए बीएनपी ने भारी इंतजाम किए हैं. उनके स्वागत के लिए बीएनपी ने 50 लाख समर्थकों को जुटाने का लक्ष्य रखा है और ढाका की सड़कों पर लोगों का समंदर उमड़ पड़ा है.
बांग्लादेश के स्थानीय अखबारों के मुताबिक, ढाका में कड़ाके की ठंड है, बावजूद इसके, लाखों की संख्या में लोग तारिक रहमान के स्वागत के लिए जमा हुए हैं. ढाका में रात से पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी. बहुत से लोग स्वेच्छा से कंबल, पानी, चाय आदि का वितरण कर रहे थे. सुबह होने से पहले ही ढाका के पुर्बाचल इलाके की पूरी 300 फुट लंबी सड़क तारिक रहमान के स्वागत के लिए उमड़े लोगों से भर गई.
गुरुवार सुबह करीब 7 बजे ही बीएनपी के विभिन्न स्तरों के नेता और कार्यकर्ता कोहरे से ढकी सड़क पर बैठे और लेटे हुए थे. वे ठंड की परवाह किए बिना उस पल के गवाह बनने पहुंचे थे, जिसे वे ऐतिहासिक बता रहे हैं.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, तारिक रहमान के स्वागत के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से कार्यकर्ता पहुंचे हैं. तारिक रहमान की वापसी से बीएनपी समर्थकों के बीच उत्सव जैसा माहौल है.
कार्यकर्ताओं का मानना है कि तारिक रहमान की घर वापसी बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी, लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिर से मजबूत करेगी और बीएनपी के राजनीतिक आंदोलन में नई ऊर्जा भरेगी. साथ ही, वो यह भी स्वीकार करते हैं कि पार्टी के सामने आगे कई बड़ी चुनौतियां होंगी.
पार्टी कार्यकर्ताओं के मुताबिक, तारिक रहमान की वापसी से बीएनपी की राजनीति को एक नया आयाम मिलेगा. उनका कहना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी साजिशों पर काबू पाएगी और देश के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार देगी.

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