
ओडिशा: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अध्यक्ष पर स्याही फेंकने के मामले में 5 सदस्यों को किया निष्कासित
AajTak
घटना कांग्रेस भवन में पार्टी अध्यक्ष के कक्ष के अंदर हुई, जहां कुछ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हमला किया. संतोष सिंह सलूजा की अध्यक्षता वाली अनुशासन समिति ने घटना के टीवी फुटेज की समीक्षा की और पार्टी विरोधी और अनुशासनहीन कार्यों के कारण पांच कांग्रेसियों को छह साल के लिए निष्कासित करने का फैसला किया.
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति ने 21 जून को पार्टी अध्यक्ष सरत पटनायक पर स्याही फेंकने के मामले में कथित संलिप्तता के लिए पांच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निष्कासित करने की घोषणा की. निष्कासित सदस्यों में ओपीसीसी महासचिव प्रकाश मिश्रा, प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव श्रेयस्मिता पांडा, NSUI सचिव संदीप राउत्रे, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अमरेश परिदा और एनएसयूआई के प्रदेश सचिव आर्यन सासमल शामिल हैं.
यह घटना कांग्रेस भवन में पार्टी अध्यक्ष के कक्ष के अंदर हुई, जहां कुछ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हमला किया. संतोष सिंह सलूजा की अध्यक्षता वाली अनुशासन समिति ने घटना के टीवी फुटेज की समीक्षा की और पार्टी विरोधी और अनुशासनहीन कार्यों के कारण पांच कांग्रेसियों को छह साल के लिए निष्कासित करने का फैसला किया.
इस विवाद के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक गुट ने PCC प्रमुख पर स्याही फेंकते हुए 'शरत हटाओ, कांग्रेस बचाओ' के नारे लगाए. उन्होंने चैंबर के बाहर के दरवाजे पर भी स्याही फेंकी.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








