
ऑडिट रिपोर्ट का अप्रूवल लें, दिल्ली सरकार के लेखा विभाग ने मनीष सिसोदिया को भेजा रिमाइंडर
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दिल्ली सरकार के लेखा नियंत्रक विभाग ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ऑफिस को एक रिमाइंडर भेजा है, जिसमें ये कहा गया है कि वे दिल्ली के उपराज्यपाल से ऑडिट रिपोर्ट की तीन फाइलों पर जल्द अप्रूवल करा लें. ये तीन अहम रिपोर्ट दिल्ली सरकार को क्रमशः 23.06.2022, 27.09.2022 और 10.11.2022 को सौंपी गईं थी.
दिल्ली सरकार के लेखा नियंत्रक विभाग ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ऑफिस को एक रिमाइंडर भेजा है, जिसमें ये कहा गया है कि वे दिल्ली के उपराज्यपाल से ऑडिट रिपोर्ट की तीन फाइलों पर जल्द अप्रूवल करा लें. ये सभी मनीष सिसोदिया के पास लंबित हैं. फिलहाल सिसोदिया के पास ही वित्त मंत्री का प्रभार भी है. ये तीन अहम रिपोर्ट दिल्ली सरकार को क्रमशः 23.06.2022, 27.09.2022 और 10.11.2022 को सौंपी गईं थी.
एलजी हाउस के सूत्रों का दावा है कि जिन रिपोर्ट पर अप्रूवल लेना था उसे उपमुख्यमंत्री के कार्यालय को भेज दिया गया था. दिल्ली के उपराज्यपाल के ऑफिस का दावा है कि दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया कैग कार्यालय से रिमाइंडर के बावजूद कई मामलों पर तीन कैग रिपोर्ट को मंजूरी नहीं दे रहे हैं. सिसोदिया को इन रिपोर्टों को अंतिम मंजूरी के लिए एलजी कार्यालय को भेजना होगा.
केजरीवाल, LG में फिर ठनी उधर, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और एलजी विनय सक्सेना के बीच रार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सीएम केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली के एलजी विनय सक्सेना पर हमला किया और कहा कि लेफ्टिनेंट गवर्नर हमारे हेडमास्टर नहीं है जो कि हमारा होमवर्क चेक करेंगे. उन्हें हमारे प्रस्तावों पर सिर्फ हां या ना कहना चाहिए.
राजनीतिक कारणों से काम रोका जा रहा केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार को काम को जानबूझकर राजनीतिक कारणों की वजह से रोका जा रहा है. एलजी और केजरीवाल के बीच टकराव की नई वजह दिल्ली सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को फिनलैंड भेजने की योजना है. इस योजना को एलजी ने कथित तौर पर खारिज कर दिया है.
सीएम केजरीवाल का एलजी के घर तक मार्च इस मुद्दे पर सीएम केजरीवाल ने सोमवार को एलजी के घर तक मार्च किया और दिल्ली सरकार के कामों में एलजी के कथित दखलंदाजी का विरोध किया. मार्च के दौरान दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी उनके साथ थे. AAP ने इस मार्च को दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही खत्म हो जाने के बाद निकाला.
ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंचे BJP विधायक सोमवार को दिल्ली विधानसभा में हंगामा हुआ. दिल्ली बीजेपी के विधायक राजधानी में प्रदूषण के खतरे की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर विधानसभा पहुंचे थे. बता दें कि सोमवार से दिल्ली विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र शुरू हुआ है. दिल्ली विधानसभा में एक बार फिर से AAP-BJP के बीच तीखी बहस देखने को मिली.

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227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

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