
एलॉन मस्क का 30 साल पुराना वो झूठ जो बन सकता है ट्रंप का हथियार, क्या रद्द हो सकती है अमेरिकी नागरिकता
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अमेरिकी सीनेट में बजट रिकॉन्सिलिएशन प्रक्रिया के तहत इसे पेश किया गया है. Vote-a-rama दरअसल सीनेट की वह प्रक्रिया है, जिसमें सीनेटर किसी बिल पर असीमित संशोधन पेश कर सकते हैं. इसके बाद इन पर तेजी से वोटिंग होती है. हालांकि, यह प्रक्रिया लंबी और पूरी तरह से थकाऊ होती है क्योंकि इस दौरान असीमित संशोधनों पर वोटिंग होती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति कारोबारी एलॉन मस्क की दुश्मनी अब जगजाहिर है. दोनों एक दूसरे पर रह-रहकर जुबानी हमले कर रहे हैं. दोनों के बीच की यह दुश्मनी अब आर-पार तक आ पहुंची है. ऐसे में ट्रंप ने मस्क को अमेरिका से डिपोर्ट कर देने तक की धमकी दे दी है.ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या एक नागरिक के तौर पर अमेरिका में रह रहे एलॉन मस्क को डिपोर्ट किया जा सकता है?
एलॉन मस्क मूल रूप से साउथ अफ्रीका के हैं. उनका जन्म प्रिटोरिया में हुआ. लेकिन वह किशोरावस्था में साउथ अफ्रीका से कनाडा चले गए थे. 1995 में वह कनाडा से अमेरिका शिफ्ट हो गए.
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क को 1989 में कनाडा की नागरिकता मिली थी. उन्होंने कनाडा की क्वीन्स यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू की और बाद में 1992 में वह अमेरिका चले गए. उन्होंने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिर्विसटी में एडमिशन के लिए अमेरिका गए थे. लेकिन उन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बजाए अमेरिका में अपनी पहली कंपनी Zip2 खोल ली.
एलॉन मस्क स्टूडेंट वीजा यानी (J-1 या F-1 वीजा) पर अमेरिका आए थे. उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आए थे. स्टूडेंट वीजा में काम करने की सख्त शर्तें होती हैं. मस्क ने वीजा मिलने के बाद स्टैनफोर्ड में पढ़ाई पूरी नहीं की और Zip2 पर काम करना शुरू कर दिया, जिस वजह से वीजा की शर्तों का उल्लंघन हुआ. स्टूडेंट वीजाधारकों को बिना अनुमति के स्टार्टअप पर काम करने की अनुमति नहीं है.
फिर अमेरिका की नागरिकता कैसे मिली?
रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने 1997 में H-1B वीजा हासिल किया, जो चुनिंदा बिजनेस में काम के लिए दिया जाता है. यह वीजा उन्हें Zip2 में वैध रूप से काम करने की अनुमति देता था. कहा गया कि मस्क ने बाद में ग्रीन कार्ड हासिल किया. वह 2002 में नेचुरलाइजेशन की प्रक्रिया के माध्यम से अमेरिकी नागरिक बन गए. इस प्रक्रिया में आमतौर पर ग्रीन कार्डधारक के रूप में कई वर्षों तक निवास करना, एक नागरिकता परीक्षा देना और यह सुनिश्चित करना शामिल होता है कि आवेदक ने कोई बड़ा अपराध या आव्रजन उल्लंघन नहीं किया हो.

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