
एम्बाप्पे की हैट्रिक क्यों हुई बेकार, कैसे बना अर्जेंटीना वर्ल्ड चैंपियन? : आज का दिन, 19 दिसंबर
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फ्रांस की हार के पीछे अर्जेंटीना का बेहतर खेल या फ्रांस का टीम वर्क में चूक जाना है, पीएम नरेंद्र मोदी का नॉर्थ-ईस्ट दौरा किन मायनों में है अहम और राजस्थान का विवाद क्यों नहीं सुलझा पा रही कांग्रेस? सुनिए 'आज का दिन' में.
कल था फीफा फुटबाल वर्ल्ड कप का फाइनल. नॉर्मली साढ़े दस बजे तक मैच खत्म हो जाना था. नहीं हुआ. अर्जेन्टीना के आक्रमण के सामने चट्टान बन कर खड़े थे फ्रांस के किलियन एमबाप्पे. मैच के तय नब्बे मिनट में मुकाबला बराबरी पर था. एक्स्ट्रा टाइम में भी दोनों टीम बराबरी पर थी . लेकिन अर्जेन्टीना ने बाजी मारी पेनल्टी शूटआउट में और फ्रांस को चार दो से हरा दिया. एम्बाप्पे के हैट्रिक गोलस भी फ्रांस को जीत नहीं दिला सके. अर्जेन्टीना कल 36 साल बाद फुटबाल का वर्ल्ड चैंपियन बना. और लियोनेल मेस्सी जिनके बारे में कहा जा रहा था कि ये उनका आखिरी विश्वकप है वो विश्वविजेता बन कर जा रहे हैं. लक कहेंगे या अर्जेन्टीना के सामने फ्रांस का कमजोर प्रदर्शन जो विश्वकप फ्रांस से छिन गया और मैच के 3 बेस्ट मोमेंट्स कौन से रहे? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










