
एक वीडियो, टशन और छापा...ऐसे मिला एल्विश यादव के सांप के जहर वाले सौदे का सुराग
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बिग बॉस ओटीटी विनर एल्विश यादव मुश्किल में पड़ गए हैं. नोएडा पुलिस ने रेव पार्टी में सांप के जहर के इस्तेमाल को लेकर एफआईआर दर्ज की है. इसमें एल्विश का भी नाम है. एल्विश खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं. उनके तमाम दावों के बीच फिलहाल उनका टशन और 'सिस्टम' हैंग नजर आ रहा है.
फेमस यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विनर एल्विश यादव मुश्किल में पड़ गए हैं. नोएडा पुलिस ने रेव पार्टी में सांप के जहर के इस्तेमाल को लेकर एफआईआर दर्ज की है. इसमें एल्विश का भी नाम है. ये पूरी कार्रवाई महज कुछ घंटों या एक दिन में नहीं हुई. एल्विश की मुश्किलों को बढ़ाने में उनका ही एक वीडियो विलेन बन गया.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एल्विश सांप को गले में डाले दिखाई दे रहे हैं. अब इसको लेकर उन्होंने सफाई भी दी है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि यह म्यूजिक वीडियो का सीन है और 6 महीने पुराना है. हालांकि, उन्होंने इस बात का जिक्र नहीं किया कि सीन फिल्माने के लिए इस बाबत कोई परमिशन ली गई थी या नहीं.
मामले के खुलासे का सबसे बड़ा किरदार
खैर, एल्विश के तमाम दावों के बीच फिलहाल उनका टशन और 'सिस्टम' हैंग नजर आ रहा है. उनके एक वीडियो ने उन्हें मुसीबत में तो डाल ही दिया है. अब बात करते हैं इस मामले के सबसे बड़े किरदार या कहें कि 'जहरीली' सच्चाई समाने वाली संस्था के बारे में.
कौन हैं गौरव गुप्ता, जिन्होंने दर्ज कराई FIR
संस्था का नाम है PFA (People for Animal). ये मेनका गांधी का एनजीओ है. एनजीओ ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था. इसके बाद एनिमल वेलफेयर ऑफिसर के पद पर कार्यरत गौरव गुप्ता ने नोएडा पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी. इसमें एल्विश का भी नाम है.

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