
'एक रात पहले मेरे पास आ गया था प्रश्न पत्र, 100% वही थे सवाल, फूफा ने करवाई थी सेटिंग,' NEET पेपर लीक के आरोपी छात्र का कुबूलनामा
AajTak
NEET परीक्षा गड़बड़ी मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बिहार के दानापुर नगर परिषद में तैनात एक इंजीनियर की भी परीक्षा गड़बड़ी में संलिप्तता आई है. इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु ने दावा किया कि उसने अपने भतीजे अनुराग यादव की भी मदद की थी. अब इस मामले में पुलिस ने अनुराग के बयान दर्ज किए हैं.
NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा हुआ है. आरोपी अनुराग यादव का कबूलनामा सामने आया है. उसने पुलिस के सामने दर्ज कराए बयान में कहा है कि जो प्रश्न पत्र लीक हुआ, वही परीक्षा में आया और 100 प्रतिशत वही सवाल परीक्षा में पूछे गए थे. मेरे पास ये प्रश्न पत्र एक दिन पहले ही आ गया था. अनुराग का कहना था कि फूफा ने सेटिंग करवाई थी और उसे कोटा से पटना बुलवाया था. रात में हर प्रश्न का उत्तर रटवाया गया था. परीक्षा के बाद पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया था.
दरअसल, 4 जून को नीट परीक्षा का रिजल्ट आया तो पहली बार 67 ऐसे स्टूडेंट्स जो टॉपर बने और उन्हें 720 में से 720 अंक मिले. टॉपर्स की लिस्ट देखने के बाद नीट परीक्षा में धांधली का मुद्दा उठाया गया. 13 जून को एनटीए ने फैसला लिया कि ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाएगी, लेकिन अभी भी छात्रों का गुस्सा थमा नहीं है. बिहार और गुजरात से सामने आई पेपर लीक की खबरों से एनटीए की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े हो गए हैं, इसीलिए छात्र मामले में CBI जांच की मांग कर रहे हैं. धांधली के मामले में पटना और पंचमहल से कई गिरफ्तारियां हुई हैं. पटना में 13 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें 4 छात्र शामिल हैं. पुलिस छानबीन में पता चला कि पेपर लीक हुआ था और गिरोह ने बच्चों को पास कराने के लिए लाखों रुपए वसूले थे. पंचमहल में भी छात्रों से लाखों रुपए वसूले गए और गिरोह ने सही जवाब भरकर ऑसर शीट जमा की.
इस मामले में पुलिस की जांच पटना के जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु तक पहुंची. उससे पूछताछ की गई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. उसने बताया कि परीक्षा धांधली में उसकी भी संलिप्तता है और अपने भतीजे अनुराग यादव के लिए उसने गड़बड़ी में भूमिका निभाई है. पटना के शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने अनुराग यादव से पूछताछ की और उसके इकबालिया बयान दर्ज किए हैं.
अनुराग ने दावा किया है कि सेंटर पर परीक्षा के दिन वही पेपर मिला, जो एक दिन पहले ही उसे मुहैया करा दिया गया था. रातभर उसे हर प्रश्न रटवाया गया. 100 प्रतिशत वही सवाल पूछे गए थे.
क्या बयान दर्ज करवाए हैं अनुराग ने...
''मेरा नाम अनुराग यादव (22 साल) है. मैं परिदा थाना हसनपुर, जिला समस्तीपुर का रहने वाला हूं. मैं अपनी सफाई का बयान बिना भय या दबाव, बिना लोभ लालच के शास्त्रीनगर थाने में दरोगा तेज नारायण सिंह के समक्ष दे रहा हूं. मैं नीट की परीक्षा की तैयारी कोटा में एलेन कोचिंग सेंटर में रहकर कर रहा था. मेरे फूफा सिंकदर यादवेंदु नगर परिषद दानापुर में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. मेरे फूफा द्वारा बताया गया कि 5 मई 2024 को नीट की परीक्षा है. कोटा से वापस आ जाओ. परीक्षा की सेटिंग हो चुकी है. मैं कोटा से वापस आ गया और मेरे फूफा ने 4 मई 2024 की रात्रि में अमित आनंद, नीतीश कुमार के पास मुझे छोड़ दिया. यहां पर नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका दिया गया. रात्रि में पढ़वाया और रटवाया गया. मेरा सेंटर डीवाई पाटिल स्कूल में था. मै स्कूल में परीक्षा देने गया तो जो प्रश्न पत्र रटवाया गया थाा, वही प्रश्न सही- सही परीक्षा में मिल गया. परीक्षा के उपरांत अचानक पुलिस आई और मुझे पकड़ लिया. मैंने अपना अपराध स्वीकार किया. यही मेरा बयान है.''

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








