
एक मामूली सैनिक से महारानी एलिजाबेथ के पति तक, उतार-चढ़ाव भरी रही प्रिंस फिलिप की लाइफ
AajTak
प्रिंस फिलिप का नाता ग्रीस के राजघराने से था. लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उनकी जिंदगी पूरी तरह से पलट गई. उन्होंने नौसेना में नौकरी कर ली लेकिन इसी दौरान उनकी दोस्ती एलिजाबेथ से हुई. दोनों की शादी हो गई और प्रिंस फिलिप ने हमेशा अपनी पत्नी का साथ दिया. प्रिंस फिलिप को महारानी एलिजाबेथ ने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी मजबूती करार दिया था,
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पति प्रिंस फिलिप का 99 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया. प्रिंस फिलिप लंबे समय से बीमार चल रहे थे. 16 मार्च को ही वह अस्पताल से विंडसर महल लौटे थे. प्रिंस फिलिप का जीवनकाल एक पूरी सदी का गवाह बना. ग्रीक के शाही परिवार में जन्म लेने वाले फिलिप ब्रिटेन के सबसे लंबे समय तक कॉन्सर्ट (महारानी के साथी) बने रहे. फिलिप को उनकी शादी के मौके पर 'ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग' का टाइटल दिया गया था. फिलिप उस दौर में थे, जब ब्रिटेन राजशाही के दौर से निकलकर आधुनिक दुनिया की तरफ कदम आगे बढ़ा रहा था और लोग अपने नेताओं को ज्यादा करीब से देखना और सुनना चाहते थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.








