
एक फार्म हाउस, तीसरे पति की खौफनाक साजिश और 6 कत्ल... जानें, लैला खान हत्याकांड की पूरी कहानी
AajTak
लैला का पूरा परिवार इगतपुरी में अपने फार्म हाउस पर पहुंच चुका था. उसी बीच लैला खान की मां सेलिना ने अपनी बहन अल्बाना पटेल से बात की और उन्हें बताया कि वो अपने तीसरे पति परवेज इकबाल टाक के साथ हैं. यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन इस बातचीत के बाद फिर दोबारा अल्बाना की सेलिना की कोई बात नहीं हो सकी.
Actress Laila Khan Family Mass Murder: बात साल 2002 की है. उस वक्त एक कन्नड़ फिल्म आई थी, जिसका नाम था- मेकअप. ये फिल्म लैला पटेल की पहली फिल्म थी. लेकिन उस फिल्म से लैला को कोई खास पहचान नहीं मिल सकी. इसके 6 साल बाद यानी साल 2008 में लैला की किस्मत जागी. और उसे मशहूर अभिनेता राजेश खन्ना के साथ काम करने का मौका मिला. वो फिल्म थी- 'वफा: ए डेडली लव स्टोरी.' उस फिल्म को करते वक्त लैला पटेल का नाम बदल चुका था. अब वो लैला खान बन चुकी थी. उसी नाम से उसने शौहरत पाई. अब लोग उसे पहचानने लगे थे.
बांग्लादेशी शख्स से शादी साल 2002 और 2008 के बीच लैला ने एक ऐसा काम भी किया, जिसकी वजह से उसका नाम विवादों में भी आया. वो काम था शादी. यूं तो शादी करना कोई जुर्म नहीं है, लेकिन लैला खान ने जिस शख्स से शादी की थी, वो खुद ही विवादित था. असल में लैला खान ने प्रतिबंधित बांग्लादेशी संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी बांग्लादेश के सदस्य मुनीर खान से शादी की थी. जिसकी वजह से उसका नाम काफी चर्चओं में रहा था.
30 जनवरी 2011, मुंबई लैला एक अच्छे खानदान से ताल्लुक रखती थी. उसका भरापूरा परिवार था. और अब वो एक दूसरी फिल्म में काम मिल चुका था. वो बॉलीवुड फिल्म निर्देशक राकेश सावंत के साथ अपनी दूसरी फिल्म जन्नत की शूटिंग कर रही थी. लेकिन इसी दौरान 30 जनवरी 2011 की रात लैला अपनी मां सेलिना, बड़ी बहन हसमीना, जुड़वां भाई-बहन इमरान और जारा और चचेरी बहन रेशमा के साथ मुंबई से 126 किमी दूर इगतपुरी में छुट्टियां मनाने के लिए निकली थीं. वे लोग काफी खुश थे. अच्छे माहौल में छुट्टियां मनाने जा रहे थे. लेकिन उस पूरे परिवार के साथ आगे क्या होने वाला था, ये किसी ने भी नहीं सोचा होगा.
9 फरवरी 2011, इगतपुरी लैला का पूरा परिवार इगतपुरी में अपने फार्म हाउस पर पहुंच चुका था. उसी बीच लैला खान की मां सेलिना ने अपनी बहन अल्बाना पटेल से बात की और उन्हें बताया कि वो अपने तीसरे पति परवेज इकबाल टाक के साथ हैं. यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन इस बातचीत के बाद फिर दोबारा अल्बाना पटेल से उनकी बहन सेलिना की कोई बात नहीं हुई. वजह थी सेलिना और उनके पूरे परिवार का अचानक गायब हो जाना. जी हां, उस दिन के बाद से उनका कुछ अता-पता नहीं चला.
दो लोगों ने दर्ज कराई थी FIR परेशान होकर लैला खान के पिता नादिर शाह पटेल यानी सेलिना के पहले पति ने मुंबई पुलिस स्टेशन में जाकर एक शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अचानक लापता हो गई है. दरअसल, लैला के पिता नादिर पटेल ने मुंबई के ओशिवरा पुलिस थाने में अपनी बेटी और परिवार के अपहरण का मामला दर्ज कराया था. थाने में दी गई शिकायत में उनकी तरफ से कहा गया था कि टाक और उसके साथी आसिफ शेख ने कथित रूप से लैला और उसके पारिवारिक सदस्यों का अपहरण कर लिया है. ठीक इसी तरह की शिकायत बॉलीवुड फिल्म निर्देशक राकेश सावंत ने भी दर्ज कराई थी. क्योंकि राकेश सावंत खुद लैला के साथ अपनी दूसरी फिल्म जन्नत की शूटिंग कर रहे थे.
ऐसे सामने आया आरोपी का नाम मामला हाई प्रोफाइल था, लिहाजा पुलिस भी कोई लापरवाही नहीं करना चाहती थी. पुलिस ने शिकायत मिलते ही इस मामले की छानबीन शुरू कर दी. इस दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता नादिर पटेल और राकेश सावंत के अलावा सेलिना की बहन अल्बाना पटेल से भी पूछताछ की. इसी बीच अल्बाना ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन और पूरा परिवार इगतपुरी वाले बंगले पर गए थे. और वहां उनकी बहन सेलिना का तीसरा पति परवेज इकबाल टाक भी मौजूद था. असल में लैला खान की मां सेलिना ने तीन लोगों से शादी की थी. नादिर पटेल उसके पहले पति थे, आसिफ शेख दूसरा. जबकि परवेज इकबाल टाक उसका तीसरा पति था. उधर, नादिर पटेल ने भी अपनी तहरीर में परवेज और आसिफ शेख को नामजद किया था. बस यहीं से पुलिस के शक की सुई परवेज इकबार टाक की तरफ घूम गई थी.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







