
एंटीलिया केसः केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट में खुलासा, मनसुख हिरेन के शरीर में नहीं मिला कोई ज़हर
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केमिकल एनालिसिस का मकसद यह पता लगाना था कि मनसुख को किसी तरह का कोई जहर तो नहीं दिया गया था. और उसे मारने के बाद पानी में फेंका गया था या फिर ज़िंदा? रिपोर्ट ने इस बात का खुलासा कर दिया है.
मुंबई में एंटीलिया के बाहर मिली स्कॉर्पियो कार के मालिक मनसुख हिरेन की लाश की केमिकल एनालिसिस कराया गया था. जिसकी रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि मनसुख हिरेन के शरीर में किसी तरह का कोई ज़हर नहीं था. इससे पहले जानकारी मिली थी कि मौत से पहले मनसुख हिरेन को बुरी तरह से मारा पीटा गया था. जब आरोपियों ने मनसुख हिरेन को समंदर में फेंका था, तब उसकी सांसें चल रही थी. यानी वो ज़िंदा थे. केमिकल एनालिसिस का मकसद यह पता लगाना था कि मनसुख को किसी तरह का कोई जहर तो नहीं दिया गया था. और उसे मारने के बाद पानी में फेंका गया था या फिर ज़िंदा? रिपोर्ट ने इस बात का खुलासा कर दिया है. ग्रांट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में किए गए डायटम टेस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक मनसुख हिरेन जब पानी के संपर्क में आए, तब वो ज़िंदा थे. दरअसल, किसी मुर्दा शख्स को जब पानी में फेंका जाता है, तो पानी उसके फेफड़े, ख़ून या बोन मैरो में नहीं जाता.
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