
उमेश पाल हत्याकांड... Allahabad University का मुस्लिम हॉस्टल सील, यहीं तैयार हुआ था मर्डर का 'ब्लूप्रिंट'
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उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करने में जुटी हुई है. सोमवार को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में Allahabad University के मुस्लिम हॉस्टल को सीज कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि उमेश पाल के हत्या की साजिश इसी हॉस्टल के कमरा नंबर-36 में रची गई थी.
यूपी के प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की हत्या के 10 दिन बीत चुके हैं. आरोपियों के खिलाफ यूपी पुलिस बड़े स्तर पर ऑपरेशन चला रही है. अभी तक पुलिस से हुई मुठभेड़ में एक शूटर और एक मददगार मारा गया है. साथ ही अतीक एंड गैंग की संपत्ति पर बुलडोजर भी गरज रहा है. पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के इसी क्रम में Allahabad University के मुस्लिम हॉस्टल को सीज कर दिया गया है. भारी संख्या में पुलिस फोर्स और अधिकारियों की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है.
हॉस्टल के कमरा नंबर-36 में रची गई थी साजिश
गौरतलब है कि हत्याकांड के आरोपियों में से एक सदाकत खान इसी हॉस्टल में रहता था. पुलिस का दावा है कि उमेश पाल की हत्या करने के लिए हॉस्टल के कमरा नंबर-36 में मीटिंग की गई थी. बीते दिनों प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया था, "हत्याकांड की साजिश मुस्लिम हॉस्टल के कमरे में रची गई थी. वारदात में शामिल साजिशकर्ता सदाकत खान पुत्र शस्मशाद खान को यूपी एसटीएफ ने अरेस्ट किया है. वो गाजीपुर का रहने वाला है और एलएलबी का छात्र बताया जा रहा है, जो कि मुस्लिम हॉस्टल में रह रहा था."
लोगों में दहशत फैलाने के लिए की गई थी बमबाजी
उमेश पाल को बड़ी सोच-समझकर मारा गया. बम इसलिए फेंका गया था, ताकि लोग डरकर मौके से भाग जाएं. शूटर ने सीसीटीवी कैमरे के दायरे में आने से बचने की भी कोशिश की थी. गौरतलब है कि 24 फरवरी को उमेश पाल प्रयागराज कोर्ट में गवाही देकर घर लौट रहे थे. साथ में दो गनर थे, लेकिन उमेश पाल इस बात से बेपरवाह थे कि एक गाड़ी उसका पीछा कर रही है.

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