
उपेंद्र कुशवाहा को Y+ सिक्योरिटी... जानें अलग-अलग सुरक्षा घेरे में क्या फर्क? हर महीने कितना खर्चा आता है?
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जनता दल यूनाइटेड से बगावत करने वाले उपेंद्र कुशवाहा को केंद्र सरकार ने Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दे दी है. कुशवाहा ने हाल में नीतीश कुमार से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई है. ऐसे में सुरक्षा मिलने पर सवाल भी उठ रहे हैं, लेकिन हमें ये जानना चाहिए कि अलग-अलग कैटेगरी की सुरक्षा में क्या फर्क होता है? प्रधानमंत्री की सुरक्षा कैसी होती है?
बिहार के सीएम नीतीश कुमार से बगावत करने वाले उपेंद्र कुशवाहा को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दे दी गई है. उपेंद्र कुशवाहा ने हाल ही में नीतीश कुमार की जेडीयू से अलग होकर 'राष्ट्रीय लोक जनता दल' नाम से अपनी पार्टी बनाई है. उपेंद्र कुशवाहा को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा आईबी की रिपोर्ट के आधार पर दी गई है.
किस व्यक्ति को सुरक्षा मिलेगी? ये सुरक्षा एजेंसियां खतरे के आधार पर तय करती हैं. अगर किसी व्यक्ति को आतंकवादियों या उग्रवादियों से धमकी मिल रही है या उनसे खतरा है तो उसे सुरक्षा दी जाती है. इतना ही नहीं, अगर किसी को माफिया या गैंगस्टर से भी जान का खतरा है तो उसे भी सुरक्षा मुहैया कराई जाती है.
खतरे के आकलन के आधार पर ही किसी व्यक्ति की सुरक्षा को बढ़ाया जाता है, कम किया जाता है या फिर वापस लिया जाता है.
Y+ कैटेगरी की सुरक्षा में सीआरपीएफ के जवान भी शामिल होते हैं. इस कैटेगरी की सुरक्षा में सीआरपीएफ के पांच जवान होते हैं. साथ ही तीन अलग-अलग शिफ्ट में 6 पीएसओ यानी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर भी रहते हैं. यानी, हर शिफ्ट में दो पीएसओ.
केंद्र सरकार ने सुरक्षा के लिए पांच कैटेगरी बना रखी है. इसमें X, Y, Y+, Z और Z+ शामिल है. खतरे के हिसाब से व्यक्ति को सुरक्षा दी जाती है. कैटेगरी बढ़ने के साथ-साथ खर्चा भी बढ़ता जाता है. किस कैटेगरी की सुरक्षा पर कितना खर्चा होता है, इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है. हालांकि, अनुमान है कि Z+ कैटेगरी की सुरक्षा पर हर महीने 15 से 20 लाख रुपये का खर्चा आता है.
किस कैटेगरी में कितनी सुरक्षा?

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