
उदयनिधि के बाद अब RJD नेता ने सनातन धर्म को लेकर दिया विवादित बयान, संतों पर साधा निशाना
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सनातन धर्म पर छिड़े विवाद के बीच वरिष्ठ राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व के पैरोकार ये संत हैं जो सिर काटने की बात कर रहे हैं? साथ ही RJD नेता ने सवाल खड़े किए कि सनातन धर्म में दलितों का क्या स्थान है, मैं पूछना चाहता हूं? सनातन धर्म में दलितों पर अत्याचार होता है.
तमिलनाडु सरकार में मंत्री और DMK के नेता उदयनिधि के सनातन धर्म पर दिए गए बयान पर सियासत गरमाई हुई है. DMK नेता के बयान के बाद अब RJD नेता ने सनातन धर्म को लेकर बयान दिया है. सनातन धर्म पर छिड़े विवाद के बीच वरिष्ठ राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व के पैरोकार ये संत हैं जो सिर काटने की बात कर रहे हैं?
साथ ही RJD नेता ने सवाल खड़े किए कि सनातन धर्म में दलितों का क्या स्थान है, मैं पूछना चाहता हूं? सनातन धर्म में दलितों पर अत्याचार होता है. सनातन धर्म में पिछड़ों की क्या स्थिति है? उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए सनातन धर्म में कहा गया है कि ये नर्क का द्वार है. महिलाओं के खिलाफ शिक्षा दी जाती है. जो इतना सनातन-सनातन का हल्ला कर रहे हैं, उनको सनातन धर्म के बारे में पता भी है या नहीं मुझे इस पर संशय है.
उदयनिधि ने क्या बयान दिया?
दरअसल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे चेन्नई से लेकर दिल्ली तक बवाल मचा हुआ है. बीते शनिवार को उन्होंने सनातन उन्मूलन सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि यह धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है.
सनातन को खत्म करने की कही बात
उदयनिधि ने कहा कि सनातन धर्म मच्छर से फैलने वाले डेंगू और मलेरिया की तरह है और इसे खत्म करना होगा. उदयनिधि ने अपने बयान में सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से की. उन्होंने कहा कि सनातन का सिर्फ विरोध नहीं किया जाना चाहिए बल्कि इसे समाप्त ही कर देना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही कर देना चाहिए. हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते. हमें इसे मिटाना है. इसी तरह हमें सनातन को भी मिटाना है.

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