
उत्तर प्रदेश: हिंसा के आरोप में अब तक 319 अरेस्ट, 13 FIR दर्ज
AajTak
उत्तर प्रदेश की पुलिस ने अलग-अलग शहरों में हुई हिंसा के मामले में अब तक 9 जिलों में 319 लोगों को गिरफ्तार किया है. प्रयागराज में सबसे ज्यादा 92 गिरफ्तारियां हुई हैं. बता दें कि शुक्रवार को हुई हिंसा में सबसे ज्यादा प्रयागराज प्रभावित रहा था.
नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद यूपी के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए थे. प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. हिंसक प्रदर्शन के मामले में यूपी पुलिस ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है. यूपी पुलिस ने अलग-अलग शहरों में हुई हिंसा के मामले में अब तक 316 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने 13 एफआईआर दर्ज की हैं.
जानकारी के अनुसार, अलग अलग शहरों में शुक्रवार को हुई हिंसा के मामले में सबसे ज्यादा 92 गिरफ्तारियां प्रयागराज में हुई हैं. पुलिस ने सहारनपुर में 82, जालौन में 4, अंबेडकरनगर में 34, मुरादाबाद में 35, हाथरस में 51, अलीगढ़ में 6, फिरोजाबाद में 15 बलवाइयों को गिरफ्तार किया है. वहीं प्रयागराज में सर्वाधिक 92 बलवाइयों को गिरफ्तार किया गया है. शुक्रवार को हुई हिंसा में 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. आठ गाड़ियों में तोड़फोड़ के साथ आगजनी कर दी गई थी. सहारनपुर एसएसपी आकाश तोमर के अनुसार, जिले में अब तक बिना अनुमति धरना प्रदर्शन में शामिल 82 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
प्रयागराज में हिंसा के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया था. पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई थी. हिंसा प्रभावित खुल्दाबाद और करेली थाना क्षेत्रों में पुलिस ने पेट्रोलिंग की. इसके बाद पुलिस ने उपद्रवियों की शिनाख्त कर गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज की. अब तक 9 जिलों में उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है. मामले में 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं. शुक्रवार के दिन भड़की हिंसा में प्रयागराज काफी प्रभावित रहा था.
बता दें कि पैगंबर को लेकर नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए थे. जुमे की नमाज के बाद यूपी के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध-प्रदर्शन किया था. इस दौरान प्रयागराज के अटाला इलाके के साथ ही कई अन्य इलाकों में भी पथराव की घटनाएं हुईं. आगजनी भी हुई थी. हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स प्रयागराज भेजनी पड़ी थी.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









