
उत्तर प्रदेशः गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी जासूस का खुलासा, अयोध्या के आस-पास पैठ बनाना चाहती है ISI
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उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने पिछले दो सप्ताह में अलग-अलग स्थानों से आईएसआई के पांच एजेंट गिरफ्तार किए हैं. जिनमें से रईस समेत दूसरे आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं. उसी के आधार पर ATS आगे की रणनीति पर काम कर रही है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गिरफ्तार किए गए ISI के संदिग्ध एजेंट अयोध्या के आस-पास पैठ बनाने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस को अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी जानकारी भी आईएसआई के साथ शेयर किए जाने का शक है.
बीते 15 दिनों में आईएसआई के पांच एजेंट गिरफ्तार किए जा चुके हैं. जिसमें यूपी एटीएस ने 15 जुलाई को आईएसआई एजेंट रईस को गिरफ्तार किया था. फिर 18 जुलाई को सलमान और अरमान की गिरफ्तारी हुई. इसके बाद 31 जुलाई को मुकीम गिरफ्तार किया गया. इसके बाद भी करीब एक दर्जन संदिग्ध अब भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं.
ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के सामने यह चुनौती है कि आखिर आईएसआई उत्तर प्रदेश से ऐसी कौन सी जानकारी निकालना चाहती है, जिसके लिए उसने उत्तर प्रदेश के अयोध्या के करीबी जिलों को अपने टारगेट पर रखा है. इन जिलों में गोंडा जिला प्रमुखता से शामिल है, जो अयोध्या से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने यूपी में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी.
इसके लिए उसने उत्तर प्रदेश खासकर अयोध्या के करीबी जिले गोंडा के युवाओं को पैसा और खूबसूरत लड़कियों का झांसा देकर अपना एजेंट बनाने का मिशन शुरू किया. आईएसआई ने अयोध्या से 40 किलोमीटर दूर गोंडा जिले में अपना नेटवर्क मजबूत बना लिया है.
जानकारी के मुताबिक़ ,दो जुलाई को गोंडा से अलकायदा आतंकी सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस ने इस जिले को हॉट स्पॉट के तौर पर लिया और सोशल मीडिया में नजर रखने के साथ ही सैकड़ों नंबर सर्विलांस पर लगाए गए थे. जिसके बाद एजेंसी को 15 जुलाई को एक सफलता मिली और गोंडा के तरबगंज से रईस नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया. रईस आईएसआई के लिए एजेंट के तौर पर काम कर रहा था और पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी मुहैया करा रहा था.
एजेंसी ने रईस से पूछताछ की तो सामने आया कि आईएसआई गोंडा जिले को अपने लिए सबसे मुफीद जगह मान कर यहां बड़ी संख्या में एजेंट बना रही है. आईएसआई के लिए न सिर्फ रईस बल्कि उसके जैसे दर्जनों मुस्लिम लड़के एजेंट के तौर पर काम कर रहे है और पाकिस्तान को जानकारियां भेज रहे हैं.

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