
उत्तराखंड: पतंजलि की सोनपापड़ी क्वालिटी टेस्ट में फेल, 3 लोगों को 6 महीने की कैद, जुर्माना भी लगा
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कंपनी के सहायक महाप्रबंधक अभिषेक कुमार को 25,000 रुपये जुर्माने के साथ छह महीने की सजा सुनाई गई है. उन्होंने बताया कि तीनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दोषी ठहराया गया है.
पतंजलि इलायची सोनपापड़ी बनाने में खाद्य सुरक्षा मानकों का (food safety standards) उल्लंघन करने पर उत्तराखंड की एक अदालत ने तीन लोगों को छह महीने कैद की सजा सुनाई है. सहायक अभियोजन अधिकारी रितेश वर्मा ने बताया कि शनिवार को पिथौरागढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह ने जेल की सजा के अलावा उन पर 5,000 रुपये से 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, वर्मा ने बताया कि अदालत ने उत्पाद बेचने पर पिथौरागढ के बेरीनाग कस्बे के दुकानदार लीलाधर पाठक को छह महीने की कैद की सजा सुनाई और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने पतंजलि के अधिकृत प्रतिनिधि नैनीताल के रामनगर स्थित कान्हाजी डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड के सहायक प्रबंधक अजय जोशी को छह महीने की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.
कंपनी के सहायक महाप्रबंधक अभिषेक कुमार को 25,000 रुपये जुर्माने के साथ छह महीने की सजा सुनाई गई है. उन्होंने बताया कि तीनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दोषी ठहराया गया है.
वर्मा ने कहा कि 17 सितंबर, 2019 को पाठक की दुकान से पतंजलि इलायची नवरत्न सोनपापड़ी के नमूने एकत्र करने के बाद, उन्हें जांच के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय प्रयोगशाला में भेजा गया था. रिपोर्ट में नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने के बाद 2021 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था.
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पिछले महीने उत्तराखंड के औषधि नियंत्रण विभाग के लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने पतंजलि की दिव्य फार्मेसी कंपनी के 14 प्रोडक्ट्स पर बैन लगा दिया था.

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